12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले शंघाई में योग उत्सव, महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने दो कार्यक्रमों का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
चीन के शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने 31 मई 2026 को दो विशेष कर्टेन रेजर कार्यक्रमों का उद्घाटन किया, जो 21 जून को मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी के रूप में आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में पूर्वी चीन में योग और भारतीय वेलनेस परंपराओं के प्रति तेज़ी से बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
कार्यक्रमों का विवरण
पहला कार्यक्रम एक रक्तदान शिविर के साथ जोड़ा गया विशेष योग सत्र था, जिसे पूर्वी एशिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवकों द्वारा संचालित रक्तदान अभियान माना जाता है। दूसरे कार्यक्रम में महावाणिज्यदूत माथुर ने वार्षिक ईस्ट चाइना इंडियन कम्युनिटी बैडमिंटन प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। दोनों आयोजनों में मिलाकर लगभग 500 प्रतिभागी शामिल हुए।
महावाणिज्यदूत का संबोधन
योग शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रतीक माथुर ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल, समग्र कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग और आयुष-आधारित वेलनेस पद्धतियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता और समाजसेवा पर योग का जोर, रक्तदान शिविर की स्वयंसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
माथुर ने पूर्वी चीन को योग अभ्यास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में रेखांकित किया, जहाँ विभिन्न देशों और पृष्ठभूमि के लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इस क्षेत्र में योग के प्रति जागरूकता फैलाने में भारतीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी की सराहना भी की।
12वें योग दिवस की थीम और महत्व
इस वर्ष 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है, जो सभी आयु वर्गों के लिए योग की प्रासंगिकता पर बल देती है। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, योग स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए एक अमूल्य अभ्यास हो सकता है, क्योंकि यह उन क्षमताओं को सुदृढ़ करता है जो लोगों को उम्र बढ़ने के साथ भी सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखती हैं।
योग संतुलन, लचीलापन, शक्ति और गतिशीलता को बेहतर बनाने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में भी सहायक है। चूँकि इसे विभिन्न फिटनेस स्तरों और स्वास्थ्य परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित किया जा सकता है, इसलिए यह बुज़ुर्गों के लिए शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बनाए रखने का एक सुलभ माध्यम है।
WHO के लक्ष्यों से जुड़ाव
योग के ये लाभ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हेल्दी एजिंग के दशक (2021–2030) के कई प्रमुख लक्ष्यों — स्वायत्तता को बढ़ावा देना, गिरने का जोखिम कम करना, जीवन की गुणवत्ता सुधारना और व्यक्ति-केंद्रित स्वास्थ्य दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना — के अनुरूप हैं।
आगे की योजना
ये दोनों कार्यक्रम भारतीय वाणिज्य दूतावास की 21 जून 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह से पहले जारी आउटरीच गतिविधियों का हिस्सा हैं। इस मुख्य आयोजन में भारतीय समुदाय, भारत के चीनी मित्र, योग प्रेमी, छात्र और पूर्वी चीन के वेलनेस उत्साही लोगों की व्यापक भागीदारी अपेक्षित है।