लेफ्टिनेंट जनरल कौशिक नेपाल पहुंचे, 1.22 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों की कल्याण योजनाओं की करेंगे समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल वीरेश प्रताप सिंह कौशिक 11 अक्टूबर 2026 को काठमांडू पहुंचे, जहाँ वे नेपाल में रह रहे 1.22 लाख से अधिक भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से मुलाकात करेंगे और उनके लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस यात्रा की जानकारी साझा की।
यात्रा का उद्देश्य
पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वाईएसएम और एसएम जैसे सैन्य सम्मानों से अलंकृत लेफ्टिनेंट जनरल कौशिक भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल भी रह चुके हैं। वे नेपाल में रह रहे सेवानिवृत्त भारतीय सैनिकों की पेंशन, लाभ और अन्य सहायता योजनाओं की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे। भारतीय दूतावास के अनुसार, रक्षा विंग की विभिन्न शाखाएं समन्वय के साथ गोरखा पूर्व सैनिकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को पूरा करने में लगी हैं।
नेपाल में भारतीय पूर्व सैनिकों की स्थिति
भारतीय दूतावास की वेबसाइट के आँकड़ों के अनुसार, वर्तमान में नेपाल में भारतीय सेना के 1.22 लाख से अधिक पेंशनभोगी निवास करते हैं। ये सभी भारत सरकार से पेंशन और अन्य सहायता प्राप्त करते हैं। गौरतलब है कि 9 नवंबर 1947 को भारत, नेपाल और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के तहत नेपाली नागरिकों की भारतीय और ब्रिटिश सेनाओं में भर्ती की परंपरा स्वतंत्रता के बाद भी जारी रही। यह यात्रा उस दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की निरंतरता का हिस्सा है।
अग्निवीर विवाद और भर्ती पर रोक
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब 2019 से नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती रुकी हुई है। प्रारंभ में यह रोक कोविड-19 महामारी के कारण लगी थी, परंतु 2022 में भारत द्वारा अग्निवीर योजना लागू किए जाने के बाद नेपाल सरकार ने भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर औपचारिक रोक लगा दी। नेपाल का तर्क है कि अग्निवीर योजना 1947 के त्रिपक्षीय समझौते की शर्तों के अनुकूल नहीं है, क्योंकि इस योजना के तहत चार वर्ष की सेवा के बाद केवल एक-चौथाई जवानों को ही नियमित सैन्य सेवा में रखा जाता है। यह स्पष्ट नहीं है कि लेफ्टिनेंट जनरल कौशिक अपनी यात्रा के दौरान इस संवेदनशील मुद्दे पर पूर्व सैनिकों या नेपाली अधिकारियों से चर्चा करेंगे या नहीं।
भारत-नेपाल सैन्य संबंध
यह यात्रा उस व्यापक द्विपक्षीय सैन्य जुड़ाव का हिस्सा है जो हाल के महीनों में गहरा हुआ है। अगस्त 2026 में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के आधिकारिक निमंत्रण पर नेपाल का दौरा किया था। इस दौरे में 17 अगस्त को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान की। 1950 से चली आ रही इस परंपरा के तहत दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल का दर्जा दिया जाता है — जो दोनों देशों के घनिष्ठ सैन्य संबंधों का प्रतीक है।
आगे की राह
लेफ्टिनेंट जनरल कौशिक की यह यात्रा नेपाल में रह रहे गोरखा पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति भारत की सतत प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। अग्निवीर भर्ती गतिरोध के बावजूद, कल्याण और पेंशन तंत्र के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है — यह इस बात का संकेत है कि रणनीतिक असहमतियों के बीच भी मानवीय और संस्थागत संपर्क बनाए रखने की कोशिश जारी है।