80वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा लहराया मस्कट, जिबूती और पोंटा डेलगाडा में — भारतीय नौसेना ने दिखाई समुद्री ताकत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और प्रशिक्षण पोतों ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मस्कट, जिबूती और पोंटा डेलगाडा सहित कई विदेशी बंदरगाहों पर तिरंगा फहराकर समुद्री महाशक्ति के रूप में भारत की उपस्थिति का प्रदर्शन किया। 16 अगस्त 2026 को नौसेना ने पुष्टि की कि यह समन्वित समुद्री कूटनीति भारत की वैश्विक नौसैनिक पहुँच और द्विपक्षीय साझेदारियों को रेखांकित करती है।
मस्कट में आईएनएस इम्फाल का पोर्ट कॉल
विशाखापट्टनम-क्लास विध्वंसक आईएनएस इम्फाल ने ओमान के मस्कट बंदरगाह पर पोर्ट कॉल के दौरान तिरंगा गर्व से लहराया। ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने युद्धपोत का दौरा कर चालक दल को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
भारतीय दूतावास मस्कट ने एक्स पर लिखा, '80 साल की आजादी — एक विरासत जो आगे बढ़ रही है।' दूतावास ने यह भी कहा कि आईएनएस इम्फाल पर फहरा तिरंगा भारत-ओमान मित्रता और समुद्री सहयोग के स्थायी बंधनों को पुनः पुष्ट करता है। जहाज के चालक दल ने दूतावास में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में भी भाग लिया।
पोंटा डेलगाडा में आईएनएस सुदर्शिनी की ट्रांस-अटलांटिक उपलब्धि
भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने 13 अगस्त 2026 को बोस्टन से 19 दिन की ट्रांस-अटलांटिक यात्रा पूरी कर पुर्तगाल के एजोर्स द्वीपसमूह में पोंटा डेलगाडा पहुँचा और वहाँ 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया।
नौसेना के अनुसार यह लोकायन 26 अभियान का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। पोत ने पोर्ट कॉल के दौरान शानदार तिरंगा रोशनी के साथ यह दिन मनाया। पुर्तगाल में भारतीय दूतावास ने इसे 'राष्ट्र की भावना, विरासत और समुद्री परंपराओं का यादगार जश्न' बताया।
आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने एजोर्स समुद्री क्षेत्र के कमांडर कॉमोडोर लुइस निकोलसन लावराडोर से मुलाकात की। ठहराव के दौरान पुर्तगाली नौसेना के साथ पेशेवर बातचीत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
जिबूती में भी लहराया तिरंगा
अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित जिबूती में भी भारतीय नौसेना के जहाज की उपस्थिति दर्ज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सक्रियता लगातार बढ़ रही है और जिबूती रणनीतिक दृष्टि से एक अहम केंद्र माना जाता है।
नौसेना ने एक्स पर लिखा, 'तिरंगा फहराते हुए भारतीय नौसेना ने भारत की भावना को समुद्रों के पार पहुँचाया। राष्ट्रीय ध्वज गर्व से लहराया, जो भारत की समुद्री उपस्थिति, गौरव और दोस्ती के स्थायी बंधनों को दर्शाता है।'
समुद्री कूटनीति का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह तीनों बंदरगाह — मस्कट, पोंटा डेलगाडा और जिबूती — भारत की विस्तारित समुद्री कूटनीति के अलग-अलग आयामों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मस्कट खाड़ी क्षेत्र में भारत-ओमान संबंधों को, पोंटा डेलगाडा अटलांटिक पहुँच को और जिबूती हिंद महासागर में रणनीतिक उपस्थिति को रेखांकित करता है।
लोकायन 26 अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा भारतीय नौसेना की युवा अधिकारियों को वैश्विक समुद्री अनुभव देने की परंपरा का हिस्सा है। आने वाले दिनों में यह पोत अपनी वापसी यात्रा जारी रखेगा।