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क्या इंडोनेशिया में कुदरत का कहर जारी है? लैंडस्लाइड और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 200 तक पहुंची!

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क्या इंडोनेशिया में कुदरत का कहर जारी है? लैंडस्लाइड और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 200 तक पहुंची!

सारांश

इंडोनेशिया में आचेह, उत्तरी सुमात्रा और पश्चिम सुमात्रा में बाढ़ और भूस्खलन के कारण 200 लोगों की मौत हो चुकी है। जानें इस भीषण आपदा के बारे में और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति।

मुख्य बातें

इंडोनेशिया में बाढ़ और भूस्खलन से 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
राहत कार्य जारी है और अस्थायी शिविर स्थापित किए गए हैं।
भूकंप के बाद सुनामी का कोई अलर्ट नहीं था।
अधिकतर प्रभावित लोग उत्तरी सुमात्रा और आचेह में हैं।
अधिकारियों ने मौसम संशोधन अभियान शुरू किया है।

जकार्ता, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडोनेशिया में प्राकृतिक आपदा का संकट गहराता जा रहा है। आचेह, उत्तरी सुमात्रा और पश्चिम सुमात्रा में आई बाढ़ और भूस्खलन ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। मृतकों की संख्या बढ़कर 200 हो गई है।

पश्चिमी सुमात्रा के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के प्रवक्ता इल्हाम वहाब ने शुक्रवार की रात जानकारी देते हुए कहा, "आज रात तक, 61 मौतें दर्ज की गई हैं, और 90 लोग अभी भी लापता हैं।" एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, उत्तरी सुमात्रा में 116 लोगों की मौत हुई है, जबकि आचेह प्रांत में मृतकों की संख्या कम से कम 35 है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के हवाले से बताया था कि 174 लोग जान गंवा चुके हैं और 79 लापता हैं। इसके अलावा 12 अन्य घायल हैं।

बीएनपीबी के प्रमुख सुहार्यंतो ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उत्तरी सुमात्रा में सबसे अधिक 116 मौतें हुई हैं और 42 लोग लापता हैं। खराब सड़कों और लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो गई है। सुहार्यंतो ने कहा, "यह संभव है कि और भी पीड़ित लैंडस्लाइड वाले क्षेत्रों में हों, जहां पहुंचना मुश्किल है।"

आचेह प्रांत में, 35 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, और 25 अभी भी लापता हैं, जबकि 8 अन्य घायल हो गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई जिलों में सड़कें और पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं, और लगभग 3,900 परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया है।

बीएनपीबी ने तीनों प्रभावित प्रांतों में एक साथ मौसम संशोधन अभियान शुरू किया है ताकि बारिश देने वाले बादलों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से हटाकर अधिक नुकसान को रोका जा सके।

इसके पहले, गुरुवार सुबह इंडोनेशिया के आचेह प्रांत के तट से 6.3 तीव्रता का भूकंप भी आया, जिसकी जानकारी देश की मौसम, जलवायु और भूभौतिकी एजेंसी बीएमकेजी ने दी। राहत की बात यह है कि भूकंप के बाद सुनामी का कोई अलर्ट नहीं था।

भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 11:56 बजे आया और इसका केंद्र सिमेल्यू द्वीप के पूर्वी तट पर सिनाबांग शहर से 62 किमी उत्तर-पश्चिम समुद्र क्षेत्र में, 10 किमी की गहराई पर स्थित था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इंडोनेशिया में यह प्राकृतिक आपदा न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। हमें इस तरह की आपदाओं के प्रति सजग रहना चाहिए और प्रभावी राहत उपायों को लागू करना चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडोनेशिया में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण क्या हुआ?
इंडोनेशिया के आचेह, उत्तरी सुमात्रा और पश्चिम सुमात्रा में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
क्या राहत कार्य चल रहे हैं?
जी हाँ, बीएनपीबी ने राहत कार्य शुरू किया है और प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
क्या भूकंप का भी असर पड़ा?
गुरुवार को आचेह में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था, लेकिन इसके बाद सुनामी का कोई अलर्ट नहीं था।
ऐसी आपदाओं से बचने के लिए क्या किया जा सकता है?
मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन योजनाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
क्या और भी लोग लापता हैं?
हाँ, अभी भी कई लोग लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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