10 अक्टूबर 2026
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ट्रंप का दावा: ईरान संघर्ष 'बहुत जल्द किसी न किसी तरह' होगा खत्म, परमाणु हथियार पर सख्त रुख

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ट्रंप का दावा: ईरान संघर्ष 'बहुत जल्द किसी न किसी तरह' होगा खत्म, परमाणु हथियार पर सख्त रुख

सारांश

ट्रंप का दावा है कि ईरान संघर्ष 'बहुत जल्द किसी न किसी तरह' समाप्त होगा — या समझौते से, या लड़ाई से। होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण, ईरान की सेना की तबाही और परमाणु हथियारों पर कड़ा रुख — ट्रंप ने एक साथ कई मोर्चों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि ईरान के साथ संघर्ष ' बहुत जल्द किसी न किसी तरह ' समाप्त होगा।
ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना, वायु सेना और रडार सिस्टम पूरी तरह नेस्तनाबूद हो चुके हैं और उनके शीर्ष नेता भी खत्म किए जा चुके हैं।
अमेरिका की शर्त स्पष्ट — ईरान को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र नहीं बनने दिया जाएगा; संघर्ष लड़ाई या समझौते से खत्म होगा।
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर ईरान को $400 मिलियन नकद सहायता देने का आरोप दोहराया।
8 अक्टूबर को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा था कि मध्यावधि चुनाव से पहले कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी।
ट्रंप ने दावा किया कि रूस तेल भेज रहा है, जिससे जल्द कीमतों में राहत मिलेगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष 'किसी न किसी तरह बहुत जल्द' समाप्त हो जाएगा। एक साक्षात्कार में उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देगा।

ट्रंप के बयान का सार

ट्रंप प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट रैपिड रिस्पॉन्स 47 ने शनिवार को इस बातचीत की वीडियो क्लिप साझा की। इसमें ट्रंप कहते सुने गए, 'ईरान के साथ जंग किसी न किसी तरह, बहुत जल्द खत्म हो जाएगी।' उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस संघर्ष में अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है।

ट्रंप के अनुसार, 'होर्मुज स्ट्रेट पर हमारी नौसेना अद्भुत काम कर रही है। ईरान की नौसेना, वायु सेना और रडार सिस्टम पूरी तरह नेस्तनाबूद हो चुके हैं। इसके अलावा उनके शीर्ष नेताओं को भी खत्म कर दिया गया है।'

संघर्ष समाप्ति की शर्तें

जब टाइमलाइन से जुड़ा प्रश्न किया गया, तो ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध दो तरीकों से समाप्त हो सकता है — 'या तो लड़ाई से, या फिर बातचीत के ज़रिए किसी समझौते से।' उन्होंने जोड़ा, 'या तो वे उस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो हम चाहते हैं। हम चाहते हैं कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र न बने।'

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान में दो राजनीतिक धुरियों के बीच विभाजन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने स्वीकार किया कि 'किससे बात करनी है और किससे नहीं' — इसे लेकर ऊहापोह की स्थिति है।

पूर्व राष्ट्रपतियों पर निशाना

ट्रंप ने अपने पूर्ववर्तियों की आलोचना करते हुए कहा कि यदि पहले कार्रवाई की गई होती, तो स्थिति अलग होती। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का नाम लेते हुए कहा कि ओबामा ने ईरान को '$400 मिलियन तक की नकद सहायता पहुँचाई थी, जिसका गलत इस्तेमाल किया गया।' गौरतलब है कि यह दावा ट्रंप पहले भी कई मौकों पर दोहरा चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को और अधिक नुकसान पहुँचाने में सक्षम था, लेकिन उसने संयम बरता।

रूस से तेल और कीमतों पर राहत का दावा

इसी साक्षात्कार में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस अमेरिका को तेल भेज रहा है, जिससे 'कीमतों पर बहुत जल्द लगाम' लगेगी। यह दावा ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में अस्थिरता जारी है।

मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई नहीं

गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले, 8 अक्टूबर को, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह स्पष्ट किया था कि ईरान के साथ 'सकारात्मक और सार्थक बातचीत' जारी है, इसलिए मध्यावधि चुनाव से पहले किसी भी प्रकार की अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस संदेश को ट्रंप की कूटनीतिक-सैन्य रणनीति का संकेत माना जा रहा है।

विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप के ये बयान संघर्ष की आधिकारिक समाप्ति की दिशा में संकेत तो देते हैं, लेकिन ठोस टाइमलाइन अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'किससे बातचीत करें' वाली ऊहापोह स्वीकारना यह भी दर्शाता है कि कूटनीतिक रास्ता उतना सीधा नहीं है। मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई न करने का आश्वासन एक राजनीतिक गणना को भी उजागर करता है। ओबामा पर $400 मिलियन का पुराना आरोप दोहराना तथ्यात्मक से ज़्यादा राजनीतिक है — यह घरेलू दर्शकों के लिए है, वैश्विक कूटनीति के लिए नहीं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान संघर्ष खत्म होने के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने 10 अक्टूबर 2026 को एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान के साथ जंग 'किसी न किसी तरह, बहुत जल्द खत्म हो जाएगी।' उन्होंने कहा यह या तो लड़ाई से या बातचीत के ज़रिए समझौते से होगा।
अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार को लेकर क्या चाहता है?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्राथमिक शर्त यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र न बने। उन्होंने इसे संघर्ष समाप्ति की मूल शर्त बताया।
क्या ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही?
हाँ, 8 अक्टूबर को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है और मध्यावधि चुनाव से पहले कोई अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ट्रंप ने ओबामा पर क्या आरोप लगाया?
ट्रंप ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान को $400 मिलियन तक की नकद सहायता पहुँचाई थी, जिसका ईरान ने गलत इस्तेमाल किया। यह दावा ट्रंप पहले भी कई बार दोहरा चुके हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना की क्या भूमिका है?
ट्रंप के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना 'अद्भुत काम कर रही है' और इस संघर्ष में अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
राष्ट्र प्रेस
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