ट्रंप का दावा: ईरान संघर्ष 'बहुत जल्द किसी न किसी तरह' होगा खत्म, परमाणु हथियार पर सख्त रुख
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष 'किसी न किसी तरह बहुत जल्द' समाप्त हो जाएगा। एक साक्षात्कार में उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देगा।
ट्रंप के बयान का सार
ट्रंप प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट रैपिड रिस्पॉन्स 47 ने शनिवार को इस बातचीत की वीडियो क्लिप साझा की। इसमें ट्रंप कहते सुने गए, 'ईरान के साथ जंग किसी न किसी तरह, बहुत जल्द खत्म हो जाएगी।' उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस संघर्ष में अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है।
ट्रंप के अनुसार, 'होर्मुज स्ट्रेट पर हमारी नौसेना अद्भुत काम कर रही है। ईरान की नौसेना, वायु सेना और रडार सिस्टम पूरी तरह नेस्तनाबूद हो चुके हैं। इसके अलावा उनके शीर्ष नेताओं को भी खत्म कर दिया गया है।'
संघर्ष समाप्ति की शर्तें
जब टाइमलाइन से जुड़ा प्रश्न किया गया, तो ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध दो तरीकों से समाप्त हो सकता है — 'या तो लड़ाई से, या फिर बातचीत के ज़रिए किसी समझौते से।' उन्होंने जोड़ा, 'या तो वे उस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो हम चाहते हैं। हम चाहते हैं कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र न बने।'
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान में दो राजनीतिक धुरियों के बीच विभाजन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने स्वीकार किया कि 'किससे बात करनी है और किससे नहीं' — इसे लेकर ऊहापोह की स्थिति है।
पूर्व राष्ट्रपतियों पर निशाना
ट्रंप ने अपने पूर्ववर्तियों की आलोचना करते हुए कहा कि यदि पहले कार्रवाई की गई होती, तो स्थिति अलग होती। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का नाम लेते हुए कहा कि ओबामा ने ईरान को '$400 मिलियन तक की नकद सहायता पहुँचाई थी, जिसका गलत इस्तेमाल किया गया।' गौरतलब है कि यह दावा ट्रंप पहले भी कई मौकों पर दोहरा चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को और अधिक नुकसान पहुँचाने में सक्षम था, लेकिन उसने संयम बरता।
रूस से तेल और कीमतों पर राहत का दावा
इसी साक्षात्कार में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस अमेरिका को तेल भेज रहा है, जिससे 'कीमतों पर बहुत जल्द लगाम' लगेगी। यह दावा ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में अस्थिरता जारी है।
मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई नहीं
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले, 8 अक्टूबर को, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह स्पष्ट किया था कि ईरान के साथ 'सकारात्मक और सार्थक बातचीत' जारी है, इसलिए मध्यावधि चुनाव से पहले किसी भी प्रकार की अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस संदेश को ट्रंप की कूटनीतिक-सैन्य रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप के ये बयान संघर्ष की आधिकारिक समाप्ति की दिशा में संकेत तो देते हैं, लेकिन ठोस टाइमलाइन अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है।