ट्रंप ने ईरान से बातचीत की पुष्टि की, पर युद्ध समाप्ति पर कोई ठोस संकेत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि उनकी टीम के सदस्यों ने उसी दिन ईरान के साथ संपर्क किया था। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि बातचीत में कौन शामिल था, किन मुद्दों पर चर्चा हुई, या युद्ध समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति हुई है या नहीं।
बातचीत की पुष्टि, विवरण से इनकार
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उनकी टीम ने ईरान से संपर्क किया है, तो उन्होंने सीधे जवाब दिया — 'हाँ, उन्होंने बात की है।' लेकिन इससे आगे उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच सीधी मुलाकात हुई या किसी मध्यस्थ के ज़रिए संपर्क किया गया।
ट्रंप ने न तो किसी समझौते के लिए कोई समयसीमा बताई और न ही कोई शर्तें रखीं। उनके बयान से केवल इतना स्पष्ट हुआ कि सोमवार, 29 सितंबर को दोनों पक्षों के बीच किसी स्तर पर संपर्क हुआ था।
ट्रंप का दावा — 'हम जीतने वाले हैं'
युद्ध में प्रगति के सवाल पर ट्रंप ने कहा, 'हम जीतने वाले हैं। जहाँ तक मेरा सवाल है, यह किसी न किसी तरह खत्म होगा। यह सब काफी जल्दी होने वाला है।' उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा — जो उनके पहले के बयानों की पुनरावृत्ति है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने इससे पहले भी कई मौकों पर ईरान के साथ संघर्ष के शीघ्र समाधान का संकेत दिया है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक समझौता सामने नहीं आया है।
ईंधन कीमतों पर चिंता, ट्रंप का अस्पष्ट जवाब
एक पत्रकार ने पूछा कि क्या आने वाले हफ्तों में वाहन चालकों और ट्रक ड्राइवरों को ऊँची ईंधन कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए। ट्रंप ने इस अवधि के लिए कोई मूल्य अनुमान देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद गैस की कीमतें काफी नीचे आएंगी और महंगाई भी घटेगी — हालांकि उन्होंने न कोई आँकड़ा दिया और न ही कोई समयसीमा।
ब्रिटेन में गिरफ्तार संदिग्धों पर सतर्क प्रतिक्रिया
ट्रंप से अलग से उन पाँच संदिग्धों के बारे में भी पूछा गया, जिन्हें कथित तौर पर ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। जब पूछा गया कि क्या इनका ईरान से कोई संबंध हो सकता है, तो ट्रंप ने कहा, 'हो सकता है।' इससे आगे उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, 'मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहूंगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और मध्य-पूर्व की भू-राजनीति पर गहरा असर डाल रहा है। आने वाले दिनों में बातचीत की दिशा और उसके परिणाम पर दुनिया की नज़रें टिकी रहेंगी।