ईरानी संसद ने मेहरदाद अखलाखी केताबची को नया रक्षा मंत्री चुना, 277 में से 237 वोट मिले
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की संसद ने 18 अक्टूबर 2026 को मेहरदाद अखलाखी केताबची को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त करने की मंजूरी दी, जिसमें कुल 277 में से 237 वोट उनके पक्ष में पड़े। केताबची उस पद को संभाल रहे हैं जो तब से रिक्त था जब उनके पूर्ववर्ती ब्रिगेडियर जनरल अजीज नासिरजादेह की मौत अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में हो गई थी।
मतदान और नियुक्ति की प्रक्रिया
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, संसद में कुल 277 मत पड़े, जिनमें 237 वोट केताबची के पक्ष में और 15 वोट उनके विरुद्ध रहे। किसी भी सदस्य ने मतदान से परहेज नहीं किया — एक असामान्य रूप से एकमत समर्थन, जो कि मौजूदा युद्धकालीन परिस्थितियों में रक्षा नेतृत्व के प्रति संसद की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि ब्रिगेडियर जनरल नासिरजादेह के निधन के बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न अल रेजा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया था। केताबची की औपचारिक नियुक्ति के साथ यह अंतरिम व्यवस्था समाप्त हो गई है।
केताबची की पृष्ठभूमि और अनुभव
ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, नए रक्षा मंत्री रक्षा उद्योग के एक अनुभवी अधिकारी हैं। वे ईरान के 'एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन' और 'डिफेंस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन' के प्रमुख रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने मिसाइल तकनीक और हथियारों के उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों की देखरेख की है।
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का दबाव पहले से ही बना हुआ है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने केताबची पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में शामिल होने के कारण प्रतिबंध लगा रखे हैं। UN ने 2007 में उन्हें 'शहीद बाघेरी इंडस्ट्रियल ग्रुप' से जुड़े होने के कारण अपनी प्रतिबंध सूची में शामिल किया था — यह समूह सॉलिड-प्रोपेलेंट बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास और निर्माण में संलग्न है।
नए रक्षा मंत्री की चेतावनी
पद संभालते ही केताबची ने कड़े शब्दों में कहा, 'अगर अमेरिकी दुश्मन ने कोई और गलत कदम उठाया, तो ईरानी राष्ट्र और इस्लाम के योद्धाओं की ओर से चौंकाने वाला और व्यापक जवाब मिलेगा। इसके क्षेत्रीय और वैश्विक परिणामों की पूरी जिम्मेदारी आतंकवादी अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों की होगी।'
उन्होंने यह भी दावा किया कि '12-दिवसीय युद्ध के बाद से, रक्षा क्षमताओं को इस हद तक बेहतर और अपडेट किया गया है कि इसने दुश्मन के आकलन और हिसाब-किताब को पूरी तरह बदल दिया है।' यह बयान ईरान की सैन्य पुनर्निर्माण की महत्वाकांक्षाओं का संकेत देता है।
क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ
केताबची की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव उच्च स्तर पर बना हुआ है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव के बाद यह पहली स्थायी रक्षा नेतृत्व नियुक्ति है। आलोचकों का कहना है कि UN-प्रतिबंधित व्यक्ति को रक्षा मंत्री बनाने से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक संवाद और जटिल हो सकता है।
आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केताबची किस दिशा में ईरान की रक्षा नीति को आगे ले जाते हैं और क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस नियुक्ति पर औपचारिक प्रतिक्रिया देता है।