क्या ईरान में प्रदर्शन कर रहे 26 साल के सुल्तानी को मौत की सजा नहीं दी जाएगी? ट्रंप की प्रतिक्रिया आई
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन
- सुल्तानी का मामला और न्याय की स्थिति
- डोनाल्ड ट्रंप का बयान
- मानवाधिकारों की रक्षा
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। खबरों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और दस हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी बीच यह सूचना मिली थी कि खामेनेई सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण 26 वर्षीय सुल्तानी को फांसी दी जाएगी। हालांकि, इस मामले में नवीनतम जानकारी सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट को टैग करते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरानी प्रदर्शनकारी को अब मौत की सजा नहीं दी जाएगी। अन्य लोगों को भी ऐसा ही महसूस होगा।" यह एक सकारात्मक खबर है और उम्मीद है कि यह स्थिति जारी रहेगी।
पहले की रिपोर्टों में यह बताया गया था कि इरफान सुल्तानी का मामला निष्पक्ष न्याय के बिना ही तेजी से आगे बढ़ा। उन्हें गिरफ्तारी से लेकर सजा सुनाए जाने तक अपने पसंद के वकील और अन्य कानूनी अधिकार नहीं दिए गए।
सुल्तानी को विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था, और एक्टिविस्ट्स ने चेतावनी दी थी कि उन्हें जल्द ही फांसी दी जा सकती है। हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि न तो उन्हें मौत की सजा दी गई है और न ही ऐसे आरोप हैं जिनसे मौत की सजा का खतरा हो।
गिरफ्तारी के बाद, सुल्तानी को तेहरान के बाहर करज में कैद किया गया और उन पर ईरान के इस्लामिक सिस्टम के खिलाफ प्रोपेगैंडा और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगाए गए हैं।
आगे बताया गया कि अगर सुल्तानी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार जेल की सजा दी जाएगी, क्योंकि इन आरोपों के लिए मौत की सजा का कोई प्रावधान नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों में पहले कहा गया था कि 8 जनवरी को सुल्तानी को फार्डिस में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था, और एक हफ्ते से भी कम समय में उन्हें फांसी दी जाएगी।