ईरान का युद्धपोत हमले का जवाब देने को तैयार: आर्मी चीफ की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने युद्धपोत पर हमले का जवाब देने का संकल्प लिया है।
- हमले में 100 से अधिक ईरानी नौसैनिकों की जान गई।
- आईआरआईएस डेना युद्धपोत 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा था।
- अमेरिका ने इस बहुराष्ट्रीय नौसेना अभियान में भाग नहीं लिया।
- ईरान के विदेश मंत्री ने हमले की निंदा की है।
तेहरान, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरानी सेना के कमांडर इन चीफ अमीर हातमी ने स्पष्ट किया है कि हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत पर हुए अमेरिकी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा। इस हमले में ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना के 100 से अधिक नौसैनिकों की जानें गई थीं।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, यह युद्धपोत सैन्य अभ्यास पूरा करके हिंद महासागर से ईरान लौट रहा था, जब उस पर अचानक हमला हुआ। उस समय जहाज किसी भी लड़ाई में शामिल नहीं था।
अमीर हातमी ने कहा, "डेना जहाज और उसके बहादुर जवानों की शहादत ईरान की नौसेना के इतिहास में सदैव याद रखी जाएगी। हम अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करेंगे और अपनी नौसेना को और मजबूत बनाएंगे।"
यह हमला 4 मार्च 2026 की सुबह हुआ था, जब आईआरआईएस डेना श्रीलंका के गाले शहर के पास समुद्र में लौट रहा था। यह एक छोटा ईरानी युद्धपोत था, जो भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेकर लौट रहा था। आईआरआईएस डेना 18 से 25 फरवरी तक एक महत्वपूर्ण अभियान में शामिल रहा था।
इस बहुराष्ट्रीय नौसेना अभियान में लगभग 74 देशों ने भाग लिया था, जबकि अमेरिका इस आयोजन का हिस्सा नहीं था। अमेरिकी नौसेना का गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस पिंकनी इसमें शामिल होने वाला था, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही उसने इसे छोड़ने का निर्णय लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब युद्धपोत डेना आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से लौट रहा था, तभी उस पर यह हमला हुआ।
ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने इस हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की और अमेरिका की निंदा करते हुए इसे "समुद्र में की गई बर्बरता" बताया।