इजरायल-हिज्बुल्लाह युद्धविराम पर सहमति, नेतन्याहू बोले — हमले का जवाब मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल और लेबनानी सशस्त्र संगठन हिज्बुल्लाह के बीच 19 जून 2026 को युद्धविराम पर नई सहमति बनी है। यरूशलेम में इजरायली अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। यह सहमति ऐसे समय आई है जब गुरुवार को दक्षिणी लेबनान में हुई गोलीबारी में इजरायल के चार सैनिक मारे गए थे और कई घायल हुए थे।
युद्धविराम की शर्तें और इजरायल का रुख
इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में स्थापित 'सिक्योरिटी जोन' में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगा। अधिकारी ने कहा, 'अगर वे हम पर हमला करेंगे तो हम जवाब देंगे।' यह बयान इस बात का संकेत है कि युद्धविराम के बावजूद इजरायल किसी भी उकसावे को नज़रअंदाज़ करने के मूड में नहीं है।
हिज्बुल्लाह का पक्ष
हिज्बुल्लाह के संसदीय गुट 'लॉयल्टी टू द रेजिस्टेंस' के सदस्य इब्राहिम अल-मौसावी ने शुक्रवार को कहा कि उनका संगठन युद्धविराम समझौते का पालन करता रहेगा, बशर्ते इजरायल भी इसकी शर्तों का सम्मान करे। यह बयान दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति की नाजुक स्थिति को उजागर करता है।
नेतन्याहू की चेतावनी और IDF की कार्रवाई
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) खाते से जारी बयान में कहा, 'मैं आर्मर्ड कॉर्प्स की 52वीं बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल और तीन अन्य बहादुर सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।' उन्होंने हिज्बुल्लाह के इस हमले को 'युद्धविराम का खुला उल्लंघन' करार दिया।
नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने गुरुवार रात इजरायली रक्षा बलों (IDF) को हिज्बुल्लाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके तहत IDF ने 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया और दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया। शुक्रवार सुबह IDF ने बेका घाटी में हिज्बुल्लाह के कमांड केंद्रों पर भी हमला किया।
उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा
नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के साथ मिलकर समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने दोहराया कि इजरायल अपने सैनिकों या अपनी भूमि पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे हमलों के लिए हिज्बुल्लाह को 'बहुत भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि यह युद्धविराम ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव अपने चरम पर था। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि क्या दोनों पक्ष समझौते की शर्तों का पालन करेंगे या यह तनाव फिर से भड़क उठेगा। दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य मौजूदगी और हिज्बुल्लाह की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की दिशा तय करेगी।