लेबनान-इजरायल युद्धविराम 45 दिन बढ़ा, यूएन महासचिव गुटेरेस ने किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान और इजरायल के बीच लागू संघर्ष विराम को 45 दिन और बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रेस कार्यालय ने 17 मई को संवाददाताओं को भेजे गए एक नोट में कहा कि गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिशों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।
युद्धविराम विस्तार की पृष्ठभूमि
इजरायल और लेबनान ने 16 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम को 45 दिन और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि यह विस्तार इसलिए दिया जा रहा है ताकि चल रही वार्ता में और प्रगति हो सके। गौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की सीधी बातचीत गुरुवार और शुक्रवार को हो चुकी है, जिसे अमेरिकी पक्ष ने 'काफी सकारात्मक और उपयोगी' बताया।
आगे की कूटनीतिक बैठकें
पिगॉट के अनुसार, दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्तर की वार्ता 2 और 3 जून को अमेरिकी विदेश विभाग में फिर से शुरू होगी। सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सैन्य अधिकारियों की अलग बैठक 29 मई को पेंटागन में आयोजित की जाएगी। बातचीत में इजरायल का प्रतिनिधित्व वाशिंगटन में उसके राजदूत येचिएल लीटर और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने किया, जबकि लेबनान की ओर से वाशिंगटन में राजदूत नाडा हमादेह मौवाड और पूर्व राजदूत साइमन करम शामिल रहे।
संयुक्त राष्ट्र का रुख और ब्लू लाइन
संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें, कोई आगे हमला न करें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करें। संगठन ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू कराने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह प्रस्ताव 2006 के लेबनान युद्ध के बाद लाया गया था, जिसमें हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच सशस्त्र संघर्ष हुआ था। उल्लेखनीय है कि 'ब्लू लाइन' वह सीमा रेखा है जो संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2000 में लेबनान और इजरायल के बीच निर्धारित की थी।
युद्धविराम के बावजूद जारी हिंसा
युद्धविराम लागू होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पें जारी हैं। शुक्रवार को इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। हिज्बुल्लाह का दावा है कि उसने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न इलाकों में इजरायली ड्रोन, सैनिकों, सैन्य बुलडोजर और मर्कावा टैंक को निशाना बनाया।
मानवीय संकट की स्थिति
लेबनान के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के आँकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से 15 मई के बीच इजरायली हमलों में 2,951 लोगों की मौत हो चुकी है और 8,988 लोग घायल हुए हैं। यह आँकड़े तब सामने आए हैं जब दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर हैं — जो इस संघर्ष की जटिलता को उजागर करते हैं।