लेबनान-इजरायल युद्धविराम 45 दिन बढ़ा, यूएन महासचिव गुटेरेस ने किया स्वागत

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लेबनान-इजरायल युद्धविराम 45 दिन बढ़ा, यूएन महासचिव गुटेरेस ने किया स्वागत

सारांश

लेबनान और इजरायल के बीच 16 अप्रैल से लागू युद्धविराम को 45 दिन और बढ़ाया गया है। यूएन महासचिव गुटेरेस ने इसका स्वागत किया, लेकिन ज़मीन पर हिंसा थमी नहीं — शुक्रवार को नौ मौतें हुईं और 2 मार्च से अब तक 2,951 जानें जा चुकी हैं।

मुख्य बातें

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान-इजरायल युद्धविराम को 45 दिन बढ़ाए जाने का स्वागत किया।
16 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर दोनों देशों ने सहमति जताई है।
राजनीतिक वार्ता 2-3 जून को अमेरिकी विदेश विभाग में और सैन्य बैठक 29 मई को पेंटागन में होगी।
युद्धविराम के बावजूद शुक्रवार को इजरायली हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई।
2 मार्च से 15 मई के बीच लेबनान में 2,951 मौतें और 8,988 घायल : लेबनान पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर।
संयुक्त राष्ट्र ने प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान और इजरायल के बीच लागू संघर्ष विराम को 45 दिन और बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रेस कार्यालय ने 17 मई को संवाददाताओं को भेजे गए एक नोट में कहा कि गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिशों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।

युद्धविराम विस्तार की पृष्ठभूमि

इजरायल और लेबनान ने 16 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम को 45 दिन और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि यह विस्तार इसलिए दिया जा रहा है ताकि चल रही वार्ता में और प्रगति हो सके। गौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की सीधी बातचीत गुरुवार और शुक्रवार को हो चुकी है, जिसे अमेरिकी पक्ष ने 'काफी सकारात्मक और उपयोगी' बताया।

आगे की कूटनीतिक बैठकें

पिगॉट के अनुसार, दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्तर की वार्ता 2 और 3 जून को अमेरिकी विदेश विभाग में फिर से शुरू होगी। सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सैन्य अधिकारियों की अलग बैठक 29 मई को पेंटागन में आयोजित की जाएगी। बातचीत में इजरायल का प्रतिनिधित्व वाशिंगटन में उसके राजदूत येचिएल लीटर और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने किया, जबकि लेबनान की ओर से वाशिंगटन में राजदूत नाडा हमादेह मौवाड और पूर्व राजदूत साइमन करम शामिल रहे।

संयुक्त राष्ट्र का रुख और ब्लू लाइन

संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें, कोई आगे हमला न करें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करें। संगठन ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू कराने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह प्रस्ताव 2006 के लेबनान युद्ध के बाद लाया गया था, जिसमें हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच सशस्त्र संघर्ष हुआ था। उल्लेखनीय है कि 'ब्लू लाइन' वह सीमा रेखा है जो संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2000 में लेबनान और इजरायल के बीच निर्धारित की थी।

युद्धविराम के बावजूद जारी हिंसा

युद्धविराम लागू होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पें जारी हैं। शुक्रवार को इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। हिज्बुल्लाह का दावा है कि उसने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न इलाकों में इजरायली ड्रोन, सैनिकों, सैन्य बुलडोजर और मर्कावा टैंक को निशाना बनाया।

मानवीय संकट की स्थिति

लेबनान के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के आँकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से 15 मई के बीच इजरायली हमलों में 2,951 लोगों की मौत हो चुकी है और 8,988 लोग घायल हुए हैं। यह आँकड़े तब सामने आए हैं जब दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर हैं — जो इस संघर्ष की जटिलता को उजागर करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट है — शुक्रवार को नौ मौतें और 2 मार्च से 2,951 जानें यह बताती हैं कि 'संघर्ष विराम' अभी कागज़ पर ज़्यादा है। सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1701 दो दशक पुराना है और आज तक पूरी तरह लागू नहीं हो सका — ऐसे में उसी ढाँचे पर टिकी यह वार्ता कितनी टिकाऊ होगी, यह सवाल बना रहेगा। अमेरिकी मध्यस्थता की 'सकारात्मकता' और ज़मीन पर हिज्बुल्लाह-इजरायल की झड़पें एक साथ चल रही हैं — यही विरोधाभास इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेबनान-इजरायल युद्धविराम को 45 दिन क्यों बढ़ाया गया?
16 अप्रैल से लागू युद्धविराम को इसलिए 45 दिन और बढ़ाया गया है ताकि दोनों देशों के बीच चल रही राजनीतिक और सैन्य वार्ता में और प्रगति हो सके। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इसकी पुष्टि की।
यूएन महासचिव गुटेरेस ने युद्धविराम विस्तार पर क्या कहा?
गुटेरेस ने युद्धविराम विस्तार का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिशों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से युद्धविराम का पूर्ण पालन करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की।
लेबनान और इजरायल के बीच आगे की बातचीत कब होगी?
राजनीतिक स्तर की वार्ता 2 और 3 जून को अमेरिकी विदेश विभाग में होगी, जबकि सुरक्षा मुद्दों पर सैन्य अधिकारियों की बैठक 29 मई को पेंटागन में आयोजित की जाएगी।
लेबनान में इजरायली हमलों से अब तक कितना नुकसान हुआ है?
लेबनान के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के अनुसार 2 मार्च से 15 मई के बीच 2,951 लोगों की मौत हो चुकी है और 8,988 लोग घायल हुए हैं। युद्धविराम के बावजूद शुक्रवार को हुए हमलों में कम से कम नौ और लोगों की जान गई।
संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव 1701 क्या है और यह क्यों अहम है?
प्रस्ताव 1701 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का वह प्रस्ताव है जो 2006 के लेबनान युद्ध के बाद पारित किया गया था। इसमें हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच स्थायी संघर्ष विराम और दक्षिणी लेबनान से सशस्त्र समूहों की वापसी का प्रावधान है, जिसे संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह लागू कराना चाहता है।
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