इटली के अमेंडोलारा में चार प्रवासियों को जिंदा जलाया, दो पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
इटली के कैलाब्रिया क्षेत्र के अमेंडोलारा कस्बे में चार प्रवासियों को कथित तौर पर जिंदा जला देने के मामले में पुलिस ने दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय मीडिया की मंगलवार की रिपोर्टों के अनुसार, मारे गए चार लोगों में तीन अफगान नागरिक शामिल हैं, और यह वारदात सोमवार को कोसेन्जा प्रांत में हुई।
मुख्य घटनाक्रम
ला मिलानो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कोसेन्जा प्रांत के अमेंडोलारा में आयोनियन स्टेट रोड 106 के किनारे एक गैस स्टेशन के पास खड़ी मिनीवैन के भीतर चार जली हुई लाशें मिलीं। पुलिस को गाड़ी में आग लगने की सूचना मिलने के बाद फायरफाइटर्स मौके पर पहुँचे, और वहीं ये शव बरामद हुए।
जीवित बचे व्यक्ति का बयान
हमले में जिंदा बचा एकमात्र युवक एक अफगान नागरिक है, जो विलापियाना में पीड़ितों के साथ रहता था। उसने स्थानीय पत्रकार फ्रांसेस्को सल्वाटोर को बताया, “मुझे लगा कि मैं मर जाऊँगा… मैंने वह खौफनाक मंजर देखा और मैं किसी चमत्कार से जिंदा हूँ।”
उसके बयान के अनुसार, दोनों आरोपियों ने परिवहन के बदले पैसे माँगे थे और भुगतान से इनकार करने पर उन्होंने कार में पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा दी, जिससे चारों प्रवासी जिंदा जल गए। वह खिड़की तोड़कर भागने में कामयाब रहा।
शोषण के आरोप
जीवित बचे व्यक्ति ने कथित तौर पर यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे और अन्य प्रवासियों को चाकू और बंदूक की धमकी देकर काम पर लगवाया था और मेहनताना नहीं दिया। ये दावे मध्य और दक्षिणी इटली में दक्षिण एशियाई व अफ्रीकी प्रवासी मजदूरों के शोषण की उन शिकायतों से मेल खाते हैं, जो वर्षों से सामने आती रही हैं।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
दोनों आरोपियों को विलापियाना से हिरासत में लिया गया और कोसेन्जा पुलिस हेडक्वार्टर लाया गया, जहाँ फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। आधिकारिक आरोपपत्र और मृतकों की औपचारिक पहचान का ब्यौरा अभी सामने आना बाकी है।
आगे क्या
जाँचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह मामला किसी संगठित मजदूर-शोषण गिरोह से जुड़ा है। इटली के गृह मंत्रालय और स्थानीय अभियोजन कार्यालय की ओर से आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है।