14 अक्टूबर 2026
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जयशंकर का यूएई दौरा 14-16 अक्टूबर: भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी समीक्षा और रायसीना मिडिल ईस्ट में भागीदारी

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जयशंकर का यूएई दौरा 14-16 अक्टूबर: भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी समीक्षा और रायसीना मिडिल ईस्ट में भागीदारी

सारांश

मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और होर्मुज से गुज़रने वाली भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला दबाव में है — ऐसे में जयशंकर का यूएई दौरा महज एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक संरक्षण की परीक्षा का मंच है।

मुख्य बातें

जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक यूएई की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
यात्रा में भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट के दूसरे संस्करण में भागीदारी शामिल है।
रास अल खैमा तट के पास टैंकर एमटी जेम नंबर 2 की घटना में 22 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया गया।
फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने 174 यात्रियों की जान बचाई; वे अबू धाबी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
सितंबर में भारत के एलपीजी आयात में यूएई की हिस्सेदारी 13% से बढ़कर 39% हुई; यूएई ने 5,47,000 टन आपूर्ति की — अगस्त से 182% अधिक।
अमेरिका की एलपीजी हिस्सेदारी अगस्त के 53% से गिरकर सितंबर में 23% रह गई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ वे भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और अपने यूएई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बुधवार शाम इस यात्रा की पुष्टि की।

दौरे का एजेंडा

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जयशंकर अपने यूएई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त, वे अबू धाबी में आयोजित रायसीना मिडिल ईस्ट के दूसरे संस्करण में भी चर्चाओं में भाग लेंगे — जो भारत के प्रमुख भू-राजनीतिक संवाद मंच 'रायसीना डायलॉग' का क्षेत्रीय विस्तार है।

क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि

यह यात्रा ऐसे नाज़ुक समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक दबाव बढ़ा हुआ है — ईरान में चल रहे संघर्ष और यमन में सऊदी अरब तथा हूती बलों के बीच टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई है, जिससे इस दौरे का सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।

भारतीय नाविकों का बचाव और पायलट की वीरता

इस दौरे से ठीक पहले, दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने रास अल खैमा तट के निकट कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 में हुई घटना के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों के सुरक्षित बचाव की पुष्टि की थी। दूतावास ने बताया था कि वह यूएई अधिकारियों के साथ समन्वय में है और प्रभावित नाविकों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

इसके अलावा, फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 के भारतीय पायलट स्मित मच्छर, जिन्होंने विमान में हमलावर सह-पायलट को काबू कर 174 यात्रियों की जान बचाई, वर्तमान में अबू धाबी के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यह प्रसंग भी जयशंकर की यात्रा के एजेंडे में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रासंगिक बनाता है।

एलपीजी आपूर्ति में यूएई की बढ़ती भूमिका

समुद्री खुफिया फर्म केप्लर द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में भारत के एलपीजी आयात में यूएई की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत रही, जो अगस्त में महज 13 प्रतिशत थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण अमेरिकी आपूर्ति में व्यवधान आने के बाद यूएई ने 5,47,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की — जो अगस्त के 1,93,000 टन की तुलना में 182 प्रतिशत अधिक है।

इस बदलाव के परिणामस्वरूप अमेरिका भारत के एलपीजी आयात में दूसरे स्थान पर खिसक गया। अमेरिका की हिस्सेदारी अगस्त के 53 प्रतिशत से गिरकर सितंबर में 23 प्रतिशत रह गई, जबकि उसका शिपमेंट 3,23,000 टन से 58 प्रतिशत की गिरावट के साथ घटा। गौरतलब है कि भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत परंपरागत रूप से होर्मुज मार्ग के ज़रिये खाड़ी देशों से आता रहा है।

आगे की राह

जयशंकर की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सहयोग और नागरिक संरक्षण जैसे मुद्दों पर साझेदारी और गहरी होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय अस्थिरता के इस दौर में यह दौरा भारत की 'पड़ोस से परे' नीति को नई दिशा देने का अवसर भी प्रदान करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि खाड़ी में भारत के लिए वैकल्पिक आपूर्ति शृंखला अभी भी एक आपात उपाय है, न कि सोची-समझी नीति। रायसीना मिडिल ईस्ट जैसे मंच पर उपस्थिति भारत की बढ़ती क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा को दर्शाती है, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह कूटनीति ऊर्जा निर्भरता को संरचनागत विविधीकरण में बदल पाती है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर का यूएई दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के लिए है, जो ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को समाहित करती है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज मार्ग के बंद होने से भारत की एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे इस दौरे का सामरिक महत्व और बढ़ गया है।
रायसीना मिडिल ईस्ट का दूसरा संस्करण क्या है?
रायसीना मिडिल ईस्ट भारत के प्रतिष्ठित 'रायसीना डायलॉग' का क्षेत्रीय विस्तार है, जो अबू धाबी में आयोजित होता है। इसका उद्देश्य मध्य पूर्व और भारत के बीच भू-राजनीतिक और आर्थिक संवाद को मज़बूत करना है।
एमटी जेम नंबर 2 घटना में क्या हुआ था?
रास अल खैमा तट के पास कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 में एक हादसा हुआ, जिसमें 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने पुष्टि की कि सभी 22 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है और वाणिज्य दूतावास यूएई अधिकारियों के संपर्क में है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की एलपीजी आपूर्ति पर क्या असर पड़ा?
केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज बंद होने के बाद सितंबर में यूएई भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बन गया, जिसकी हिस्सेदारी 13% से बढ़कर 39% हो गई। अमेरिका की हिस्सेदारी 53% से गिरकर 23% रह गई, जबकि यूएई ने 5,47,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की — अगस्त से 182% अधिक।
पायलट स्मित मच्छर कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
स्मित मच्छर फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 के भारतीय पायलट हैं, जिन्होंने विमान में हमलावर सह-पायलट को काबू कर 174 यात्रियों की जान बचाई। वे अभी अबू धाबी के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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