19 अक्टूबर 2026
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यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद का भारत दौरा, 20 अक्टूबर को जयशंकर से मुलाकात

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यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद का भारत दौरा, 20 अक्टूबर को जयशंकर से मुलाकात

सारांश

यूएई के उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद की भारत यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — एक सप्ताह के भीतर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की यह दूसरी मुलाकात है। पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीति और भारत-यूएई CEPA के बाद के नए आर्थिक समीकरणों के बीच मुंबई की यह बैठक रिश्तों की गहराती गति का संकेत है।

मुख्य बातें

यूएई के उप PM व विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की रात 8 बजे मुंबई पहुँचे।
मंगलवार, 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे होटल ताज महल पैलेस, मुंबई में डॉ.
जयशंकर से द्विपक्षीय बैठक होगी।
बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा अपेक्षित।
जयशंकर ने 14-16 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी में पहले ही शेख अब्दुल्ला से मुलाकात की थी।
यह एक सप्ताह के भीतर दोनों विदेश मंत्रियों के बीच दूसरी प्रत्यक्ष बैठक है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान सोमवार शाम दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुँचे। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, वह मंगलवार, 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की कोशिशें जारी हैं।

आगमन और कार्यक्रम

विदेश मंत्रालय के अनुसार, शेख अब्दुल्ला सोमवार रात 8 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचे। मंगलवार को उनकी डॉ. जयशंकर के साथ बैठक होटल ताज महल पैलेस, मुंबई में निर्धारित है। उपलब्ध कार्यक्रम में बैठक के विस्तृत एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है।

बातचीत के अपेक्षित मुद्दे

दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढाँचे के तहत इस बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक), रक्षा और संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक व बहुपक्षीय मुद्दे भी एजेंडे का हिस्सा हो सकते हैं।

जयशंकर की हालिया यूएई यात्रा की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि डॉ. जयशंकर ने हाल ही में 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक यूएई का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अबू धाबी में शेख अब्दुल्ला सहित यूएई के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और फिनटेक के क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत करने पर विचार-विमर्श किया था।

जयशंकर ने उस यात्रा के दौरान अबू धाबी में आयोजित रायसीना मिडिल ईस्ट कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में भी हिस्सा लिया था, जहाँ उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

भारत-यूएई संबंधों का महत्व

यूएई, भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए एक प्रमुख गंतव्य भी। दोनों देशों के बीच फरवरी 2022 में लागू हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह यात्रा मात्र एक सप्ताह के भीतर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच दूसरी प्रत्यक्ष बैठक है, जो रिश्तों की गहराती सक्रियता को दर्शाती है।

आगे क्या

बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने की संभावना है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के मद्देनज़र यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा के संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सक्रिय कूटनीतिक गलियारे में तब्दील हो चुके हैं। पश्चिम एशिया में इज़राइल-गाजा संघर्ष और ईरान तनाव की पृष्ठभूमि में यह बैठक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज़ से उतनी ही अहम है जितनी व्यापारिक एजेंडे के लिए। ध्यान देने वाली बात यह है कि बैठक नई दिल्ली के बजाय मुंबई में हो रही है — जो व्यापार और निवेश केंद्र है — जो एजेंडे की आर्थिक प्राथमिकता को रेखांकित करता है। CEPA के बाद के कार्यान्वयन की समीक्षा और फिनटेक सहयोग की दिशा इस दौर की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेख अब्दुल्ला बिन जायद की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यूएई के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद 19-20 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। इस दौरान वह भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, फिनटेक और पश्चिम एशिया की स्थिति पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
जयशंकर और शेख अब्दुल्ला की बैठक कहाँ और कब होगी?
यह बैठक मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे मुंबई के होटल ताज महल पैलेस में निर्धारित है। विदेश मंत्रालय ने इस कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी दी है।
भारत और यूएई के बीच हाल ही में क्या कूटनीतिक गतिविधि हुई है?
डॉ. जयशंकर ने 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक यूएई का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने अबू धाबी में शेख अब्दुल्ला और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने रायसीना मिडिल ईस्ट के दूसरे संस्करण में भी भाग लिया था। शेख अब्दुल्ला की यह यात्रा उस मुलाकात के एक सप्ताह से भी कम समय में हो रही है।
भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी किन क्षेत्रों को कवर करती है?
भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा सहयोग और संपर्क (कनेक्टिविटी) के क्षेत्र शामिल हैं। फरवरी 2022 में लागू CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) के बाद से द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस यात्रा में पश्चिम एशिया की स्थिति क्यों एजेंडे पर है?
पश्चिम एशिया में चल रही भू-राजनीतिक उथल-पुथल — जिसमें इज़राइल-गाजा संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव शामिल हैं — भारत और यूएई दोनों की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों को प्रभावित करते हैं। यूएई इस क्षेत्र में एक प्रमुख स्थिरता-कारक है और भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्तिकर्ता भी, इसलिए क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचार-विमर्श दोनों पक्षों के लिए स्वाभाविक प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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