जयशंकर अबू धाबी पहुंचे: 14-16 अक्टूबर यूएई यात्रा में भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी की होगी समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 14 अक्टूबर 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर अबू धाबी पहुंचे, जहाँ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 14 से 16 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा होगी और क्षेत्रीय कूटनीति पर अहम बातचीत होगी।
यात्रा का कार्यक्रम और मुख्य उद्देश्य
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, डॉ. जयशंकर अपने UAE समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें भारत-UAE संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा शामिल होगी। इसके अतिरिक्त वे अबू धाबी में आयोजित रायसीना मिडिल ईस्ट के दूसरे संस्करण में भी हिस्सा लेंगे — यह एक प्रमुख भू-राजनीतिक संवाद मंच है जिसे नई दिल्ली स्थित थिंक-टैंक ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) आयोजित करता है।
जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'अबू धाबी पहुंच गया हूं। गर्मजोशी से स्वागत के लिए मंत्री रीम अल हाशिमी को धन्यवाद। हमारी बातचीत का इंतजार रहेगा।' UAE में भारतीय दूतावास ने भी यह जानकारी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की।
क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में यात्रा का महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में चल रहे संघर्ष और यमन में सऊदी अरब तथा हूती बलों के बीच टकराव के कारण पूरे मध्य पूर्व में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ऐसे भू-राजनीतिक दबाव के बीच भारत का UAE के साथ संपर्क बनाए रखना कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि UAE भारत के सबसे बड़े व्यापारिक और ऊर्जा भागीदारों में से एक है।
गौरतलब है कि इसी दौरान दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने जानकारी दी कि रास अल खैमा तट के पास कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 में हादसे के बाद उसमें सवार सभी 22 भारतीय चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वाणिज्य दूतावास ने बताया कि वह UAE अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता दी जा रही है।
ऊर्जा आपूर्ति में UAE की बढ़ती भूमिका
इस यात्रा के ऊर्जा आयाम पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। समुद्री खुफिया फर्म केप्लर द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में भारत के LPG आयात में UAE की हिस्सेदारी बढ़कर 39 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने मात्र 13 प्रतिशत थी। होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने के कारण अमेरिकी आपूर्ति बाधित हुई, जिसके चलते UAE ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर भारत का प्रमुख LPG आपूर्तिकर्ता बनने की स्थिति हासिल कर ली। यह आंकड़ा इस बात को रेखांकित करता है कि भारत-UAE ऊर्जा साझेदारी अब रणनीतिक स्तर पर कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है।
भारत-UAE संबंधों का व्यापक संदर्भ
भारत और UAE के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की नींव 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अबू धाबी यात्रा के दौरान रखी गई थी। तब से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और प्रवासी समुदाय के मुद्दों पर सहयोग लगातार गहरा हुआ है। UAE में 35 लाख से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं, जो किसी भी एकल देश में भारतीय प्रवासियों की सबसे बड़ी आबादी में से एक है। जयशंकर की यह यात्रा द्विपक्षीय संवाद को नई गति देने और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच भारतीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे की राह
यह यात्रा 16 अक्टूबर को समाप्त होगी। रायसीना मिडिल ईस्ट में जयशंकर की भागीदारी से उम्मीद है कि भारत मध्य पूर्व के कूटनीतिक विमर्श में अपनी सक्रिय भूमिका को और मजबूत करेगा — खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।