क्या भारतीय पासपोर्ट धारक अब जापान के रास्ते कई देशों तक पहुंच सकेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- जापान ने भारतीयों के लिए वीजा प्रणाली में बदलाव किए हैं।
- भारतीय पासपोर्ट धारक जापान के माध्यम से सात अन्य देशों की यात्रा कर सकेंगे।
- भारत-जापान की साझेदारी में आर्थिक सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने तीन दिवसीय दौरे पर भारत का आगमन किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे दो हिंद-प्रशांत देशों के बीच एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों के लिए जापान की यात्रा अब और भी सरल हो जाएगी।
हाल ही में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद यह खुलासा हुआ है कि जापान ने अपने वीजा प्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं। इसके चलते, जापान समेत कई देशों की यात्रा करने वाले भारतीयों का समय और धन की बचत होगी।
जापान के मान्य वीजा के आधार पर भारतीय यात्रियों को सात अन्य देशों की यात्रा की अनुमति मिलेगी। मान्य जापान वीजा वाले भारतीय पासपोर्ट धारक यूरोप, एशिया, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अमेरिका के कुछ स्थानों पर जा सकते हैं। यह निर्भर करता है उन देशों की शर्तों पर। इन देशों में जॉर्जिया, फिलीपींस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ताइवान, मोंटेनेग्रो और मेक्सिको शामिल हैं।
भारत-जापान अपनी रणनीतिक साझेदारी के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न 2027 में मनाएगा, वहीं जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (एफओआईपी) रणनीति की 10वीं वर्षगांठ इस वर्ष है।
इस बैठक के दौरान, दोनों मंत्रियों ने 2026 की पहली तिमाही में जापान-भारत प्राइवेट-सेक्टर डायलॉग ऑन इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लॉन्च को मंजूरी दी। इसमें प्राथमिकता वाले पाँच क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), क्लीन एनर्जी और फार्मास्यूटिकल्स पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
दोनों देशों ने यह कदम वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए उठाया है, ताकि भारत-जापान की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक बैटरी और चिप्स के स्थिर सप्लाई की सुनिश्चितता हो सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में, जापान-इंडिया एआई कोऑपरेशन इनिशिएटिव (जेएआई) में बड़े स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए जापान-भारत एआई स्ट्रेटेजिक डायलॉग की स्थापना को प्रोत्साहित किया गया है। क्वाड सहयोग को फिर से सुनिश्चित करते हुए दोनों देशों के मंत्रियों ने समुद्री डोमेन अवेयरनेस, संचार की सुरक्षित समुद्री लाइनों और मजबूत ढांचे में साझा प्राथमिकताओं पर जोर दिया।