ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से तेल निर्यात पर लगाया प्रतिबंध: आईआरजीसी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से तेल निर्यात पर रोक लगाई है।
- यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता ला सकती है।
- आईआरजीसी का बयान अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव को दर्शाता है।
तेहरान, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक जनरल ने स्पष्ट किया है कि जब तक युद्ध चल रहा है, ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल का भी निर्यात नहीं होने देगी।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा, “ईरानी सेना… जब तक अगली सूचना नहीं दी जाती, इस क्षेत्र से दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों को एक लीटर तेल का भी निर्यात नहीं करने देगी। तेल और गैस की कीमतों को नियंत्रित करने की उनकी कोशिशें सफल नहीं होंगी।”
जनरल ने यह भी कहा कि दुनिया में तेल की कीमतों पर नियंत्रण अब ईरान के हाथ में है और अमेरिका को यह देखना होगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। उनके अनुसार, एनर्जी मार्केट पहले से ही अस्थिर है और ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका की हार की घोषणा नहीं होती।
होर्मुज स्ट्रेट एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहाँ हर साल लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
जनरल के अनुसार, “अमेरिका का कहना है कि कमर्शियल और मिलिट्री जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं और होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजर रहे हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना के जहाज, विमान और सभी फाइटर जेट ईरान की शक्तिशाली मिसाइलों और ड्रोन से सुरक्षित रहने के लिए 1,000 किलोमीटर से अधिक पीछे हट गए हैं।”
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह दावा किया है कि उसने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है।
आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि इरबिल में हरिर एयर बेस पर अमेरिकी सेना के मुख्यालय को लक्ष्य बनाकर मिसाइलें दागी गईं। इस सैन्य ठिकाने पर कुल पांच मिसाइलें दागी गईं। हालांकि इस हमले से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।