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जेडी वेंस बोले — मेरे सास-ससुर दक्षिण भारत से आए, उनकी बेटी अमेरिका की सेकंड लेडी है

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जेडी वेंस बोले — मेरे सास-ससुर दक्षिण भारत से आए, उनकी बेटी अमेरिका की सेकंड लेडी है

सारांश

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सीबीएस के टाउन हॉल में इमिग्रेशन विवाद के बीच अपनी पत्नी उषा वेंस के भारतीय मूल का हवाला देकर सफाई दी। एच-1बी 'बंधुआ मजदूर' बयान पर उन्होंने कहा निशाना कामगार नहीं, व्यवस्था थी — लेकिन आलोचक इस सफाई से पूरी तरह संतुष्ट नज़र नहीं आए।

मुख्य बातें

जेडी वेंस ने 18 अक्टूबर 2026 को सीबीएस न्यूज़ टाउन हॉल में इमिग्रेशन विवाद पर सफाई दी।
वेंस ने कहा उनके सास-ससुर दक्षिण भारत से आए और उनकी बेटी उषा वेंस आज अमेरिका की सेकंड लेडी हैं।
एच-1बी 'बंधुआ मजदूर' बयान पर स्पष्ट किया कि आलोचना धारकों की नहीं, बल्कि नियोक्ता कंपनियों और व्यवस्था की थी।
करीब 20 वर्ष पहले अमेरिका आई युवती निव अगरम ने उनसे सीधा सवाल किया था।
वेंस ने 'सोशल कोहेजन' का हवाला देते हुए तेज़ इमिग्रेशन से सामाजिक ढाँचे पर पड़ने वाले दबाव की बात दोहराई।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 18 अक्टूबर 2026 को सीबीएस न्यूज़ के टाउन हॉल शो 'थिंग्स दैट मैटर' में इमिग्रेशन और अपनी भाषा को लेकर उठ रहे विवादों पर सफाई देते हुए अपनी पत्नी उषा वेंस के परिवार का उदाहरण पेश किया। वेंस ने कहा कि उनके सास-ससुर दक्षिण भारत से अमेरिका आए थे और उनकी बेटी — जो अमेरिका में पैदा हुई — आज देश की सेकंड लेडी है।

सवाल किसने और क्यों पूछा

टाउन हॉल में करीब 20 वर्ष पहले अमेरिका आई युवती निव अगरम ने वेंस से सीधा सवाल किया। निव ने कहा, 'मुझे चिंता बॉर्डर सेफ्टी, ट्रैफिकिंग और ड्रग्स को लेकर थी, इसलिए नहीं कि इमिग्रेंट नौकरी छीनते हैं। लेकिन आईसीई को मिलिट्री पुलिस की तरह बर्ताव करते देख और आपके द्वारा एच-1बी वर्कर्स को 'विदेशी बंधुआ मजदूर' कहने के बाद मुझे लगता है अमेरिकी सेफ नहीं हैं — आप उन मुद्दों के लिए अप्रवासियों को बलि का बकरा क्यों बना रहे हैं?'

यह सवाल उस बहस के केंद्र में था जो हाल के हफ्तों में एच-1बी वीज़ा धारकों और अप्रवासी पेशेवरों के बारे में वेंस की टिप्पणियों को लेकर छिड़ी हुई थी।

वेंस की प्रतिक्रिया और परिवार का संदर्भ

सवाल सुनने के बाद वेंस पहले थोड़े असहज दिखे, फिर उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, अगर मेरी भाषा कहीं गलत रही है तो वो मेरी गलती है। मेरा मकसद किसी भी प्रवासी को अमानवीय बनाना नहीं है। मैं खुद कई इमिग्रेंट्स से प्यार करता हूं। मेरे सास-ससुर साउथ इंडिया से आए हैं और उनकी बेटी, जो अमेरिका में पैदा हुई, आज सेकंड लेडी है और मुझे उस पर बहुत गर्व है।'

गौरतलब है कि उषा वेंस भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं और उनके माता-पिता दक्षिण भारत से अमेरिका प्रवासित हुए थे। यह संदर्भ वेंस ने अपनी इमिग्रेशन-विरोधी छवि को नरम करने के प्रयास में दिया।

एच-1बी 'बंधुआ मजदूर' बयान पर सफाई

वेंस ने अपने विवादित बयान पर स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना एच-1बी धारकों की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था और कंपनियों की है जो इसका दुरुपयोग करती हैं। उन्होंने कहा, 'जब कोई एच-1बी पर आता है तो कंपनी सर्टिफाई करती है कि उसे यह काम करने के लिए कोई अमेरिकी नहीं मिला। उसका वीज़ा ही अमेरिका में रहने का एकमात्र सहारा होता है। अगर वो बॉस से बहस करे तो सिर्फ नौकरी नहीं, उसे देश से वापस भेजा जा सकता है — यह नियोक्ता को बहुत ज़्यादा ताकत देता है।'

उन्होंने आगे कहा कि जब एक ट्रिलियन डॉलर की कंपनी यह दावा करती है कि उसे अकाउंटेंट नहीं मिला और पहले से काम कर रहे अमेरिकी कर्मचारी को निकालकर बाहर से किसी को लाती है, तो यह न तो अप्रवासी के हित में है, न अमेरिकी कामगार के।

सामाजिक समरसता और भाषा का सवाल

टीवी होस्ट द्वारा भाषा-विवाद पर दोबारा सवाल पूछे जाने पर वेंस ने 'सोशल कोहेजन' यानी सामाजिक समरसता का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा देश बनाना चाहता हूं जहाँ समुदाय की भावना बनी रहे। जब बहुत कम समय में बहुत ज़्यादा लोग आ जाते हैं, तो भले ही वे अच्छे लोग हों, देश का स्वरूप बदल जाता है। मेरे कई पड़ोसी ऐसे हैं जो अपने ही मोहल्ले में अपनी भाषा बोलने वाला एक व्यक्ति तक नहीं ढूंढ पाते।' वेंस ने जोड़ा कि यह किसी की आलोचना नहीं है।

व्यापक संदर्भ

यह टाउन हॉल ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका में आव्रजन नीति, एच-1बी वीज़ा व्यवस्था और अप्रवासियों के सामाजिक एकीकरण को लेकर राजनीतिक बहस अपने चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि वेंस की भाषा — भले ही बाद में उन्होंने सफाई दी — अप्रवासी समुदायों में असुरक्षा की भावना पैदा करती है। समर्थकों का तर्क है कि वीज़ा प्रणाली में सुधार की माँग जायज़ है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय इस बहस को विशेष रुचि के साथ देख रहा है, खासकर तब जब स्वयं उपराष्ट्रपति की पत्नी भारतीय मूल की हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो व्यक्तिगत पारिवारिक कड़ी पेश कर दो। लेकिन विरोधाभास यह है कि जो नीतियाँ वेंस की प्रशासन आगे बढ़ा रही है — एच-1बी पर कड़ाई, आईसीई की आक्रामक कार्रवाई — वे उन्हीं समुदायों को प्रभावित करती हैं जिनसे उनकी पत्नी आती हैं। 'मैं इमिग्रेंट्स से प्यार करता हूं' और 'बहुत तेज़ इमिग्रेशन देश बदल देता है' — ये दोनों बातें एक साथ कहना नीतिगत स्पष्टता नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन-साधना है। भारतीय-अमेरिकी मतदाता और एच-1बी पर निर्भर तकनीकी पेशेवर इस अंतर को भलीभाँति समझते हैं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेडी वेंस ने उषा वेंस के परिवार का ज़िक्र क्यों किया?
वेंस ने यह संदर्भ इमिग्रेशन और भाषा विवाद पर उठ रहे सवालों के जवाब में दिया। उन्होंने यह दिखाने के लिए कि वे अप्रवासियों को अमानवीय नहीं मानते, बताया कि उनके सास-ससुर खुद दक्षिण भारत से अमेरिका आए अप्रवासी हैं और उनकी बेटी उषा वेंस आज देश की सेकंड लेडी हैं।
जेडी वेंस का एच-1बी 'बंधुआ मजदूर' वाला बयान क्या था?
वेंस ने पहले एच-1बी वीज़ा धारकों को 'इंडेंचर्ड सर्वेंट' यानी बंधुआ मजदूर जैसा बताया था। टाउन हॉल में उन्होंने सफाई दी कि उनका निशाना एच-1बी धारक नहीं, बल्कि वह व्यवस्था और कंपनियाँ थीं जो इस वीज़ा का उपयोग अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर सस्ता श्रम लाने के लिए करती हैं।
निव अगरम कौन हैं जिन्होंने वेंस से सवाल पूछा?
निव अगरम करीब 20 वर्ष पहले अमेरिका आई एक अप्रवासी युवती हैं, जिन्होंने सीबीएस न्यूज़ के टाउन हॉल में वेंस से सीधे पूछा कि वे बॉर्डर सुरक्षा और ड्रग तस्करी जैसी समस्याओं के लिए अप्रवासियों को बलि का बकरा क्यों बना रहे हैं।
उषा वेंस की भारतीय पृष्ठभूमि क्या है?
उषा वेंस भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं। उनके माता-पिता दक्षिण भारत से अमेरिका प्रवासित हुए थे और उषा का जन्म अमेरिका में हुआ। वे जेडी वेंस की पत्नी और अमेरिका की सेकंड लेडी हैं।
वेंस के 'सोशल कोहेजन' वाले बयान का क्या मतलब है?
वेंस ने तर्क दिया कि बहुत कम समय में बहुत अधिक अप्रवासियों के आने से समाज की सामूहिक पहचान और सामुदायिक भावना कमज़ोर पड़ती है। उन्होंने कहा यह किसी की आलोचना नहीं है, लेकिन अमेरिकी नागरिकों को यह अधिकार है कि वे अपने पड़ोस में सांस्कृतिक समानता महसूस करें।
राष्ट्र प्रेस
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