जोशुआ वोंग को 10 साल की सजा: मानवाधिकार संगठनों ने हांगकांग के NSL को बताया असहमति-दमन का हथियार
सारांश
मुख्य बातें
हांगकांग की हाई कोर्ट ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSL) के तहत विदेशी शक्तियों के साथ साजिश रचने का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के तुरंत बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि NSL का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा की सुरक्षा के बजाय वैध राजनीतिक असहमति को कुचलने के लिए किया जा रहा है।
आरोप और मामले की पृष्ठभूमि
अदालत के अनुसार, वोंग पर आरोप है कि उन्होंने जुलाई 2020 से नवंबर 2020 के बीच निर्वासित लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता नाथन लॉ और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर विदेशी देशों और संगठनों से हांगकांग तथा चीन के विरुद्ध प्रतिबंध लगाने एवं अन्य शत्रुतापूर्ण कदम उठाने का आग्रह करने की साजिश रची। यह वोंग के खिलाफ NSL के तहत दूसरा मामला है।
इससे पहले वर्ष 2024 में उन्हें 'सरकार को कमज़ोर करने की साजिश' के आरोप में 4 वर्ष 8 महीने की सजा सुनाई गई थी, और वह उन 45 विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं में शामिल थे, जिन्हें 2020 के अनौपचारिक प्राइमरी चुनावों में हिस्सा लेने के आरोप में जेल भेजा गया था।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की प्रतिक्रिया
एमनेस्टी इंटरनेशनल की उप-क्षेत्रीय निदेशक सारा ब्रूक्स ने कहा कि वोंग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और नई सजा ऐसे समय सुनाई गई है, जब उनकी पिछली सजा पूरी होने में केवल कुछ महीने शेष थे। उन्होंने कहा, 'सत्ता के सामने सच बोलने का साहस दिखाने के लिए जोशुआ वोंग की सराहना की जानी चाहिए, लेकिन हांगकांग में इसी वजह से उन्हें अपराधी बना दिया गया है। यह फैसला फिर साबित करता है कि NSL का इस्तेमाल असहमति को दंडित करने के लिए किया जा रहा है।'
ब्रूक्स ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह हांगकांग में वैध सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों को अपराध बनाने की इस प्रक्रिया को सामान्य स्थिति के रूप में स्वीकार न करे। उन्होंने दुनिया भर की सरकारों से केवल अपने अधिकारों का उपयोग करने के कारण जेल में बंद लोगों की रिहाई की माँग उठाने का आह्वान किया।
ह्यूमन राइट्स वॉच की माँग
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने भी हांगकांग सरकार से वोंग को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की माँग की तथा इस सजा को 'क्रूर और अन्यायपूर्ण' करार दिया। HRW की एशिया निदेशक एलेन पियर्सन ने कहा, 'बेबुनियाद आरोपों पर जोशुआ वोंग को दी गई कड़ी सजा क्रूर और अन्यायपूर्ण है। सामाजिक बदलाव के लिए काम करने वाले युवा किसी भी जीवंत समाज की ताकत होते हैं, लेकिन हांगकांग सरकार उन्हें जेल में डाल रही है।'
HRW ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वोंग और अन्य लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को दी गई सजाओं की आलोचना करने और हांगकांग में बढ़ते दमन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की माँग की।
संयुक्त राष्ट्र का रुख और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का पहले से ही मानना रहा है कि वोंग समेत अनेक कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोप ऐसे कार्यों से जुड़े थे, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत संरक्षित हैं। वोंग की पिछली सजा जनवरी 2027 में पूरी होने वाली थी, लेकिन 10 साल की नई सजा ने उनकी रिहाई की संभावना को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब हांगकांग में NSL के तहत मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और आलोचक इसे 'एक देश, दो व्यवस्था' के सिद्धांत के क्षरण के रूप में देख रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों की माँग है कि हांगकांग प्रशासन वोंग के विरुद्ध NSL के तहत दोषसिद्धि रद्द करे और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के विरुद्ध सभी कानूनों को समाप्त करे।