कराची में 3 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, घर के बाहर बोरे में मिला शव
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के कराची के मलिर जिले के क़ायदेआबाद इलाके में एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई और उसका शव उसके घर के बाहर एक बोरे में फेंका हुआ मिला। यह दिल दहला देने वाली घटना 26 जून 2026 को सामने आई, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 'के' नाम से पहचानी जाने वाली यह बच्ची अपने घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के पिता ने बताया कि परिवार ने आसपास के इलाके में काफी तलाश की, लेकिन बाद में घर के नज़दीक सड़क पर पड़े एक बोरे में उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए अस्पताल भेज दिया।
पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया ने पुष्टि की कि बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था। हालाँकि, मौत के सटीक कारण का पता रासायनिक जाँच (केमिकल एग्जामिनेशन) की रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजार ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस को आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनके रक्त के नमूने तथा अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
जाँच की स्थिति
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच से संकेत मिले हैं कि बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या उसके घर के आसपास ही की गई। जाँच के दौरान पुलिस ने गली के कई घरों की तलाशी ली है और स्थानीय निवासियों का ब्यौरा जुटाया है। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जिस स्थान पर बोरे में शव मिला, उससे आशंका है कि आरोपी इलाके से अच्छी तरह परिचित था।
कराची में बाल अपराधों की चिंताजनक तस्वीर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब मई 2026 में जारी पुलिस महिला एवं बाल संरक्षण प्रकोष्ठ के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच कराची में घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, यौन शोषण और इससे जुड़े अपराधों के 398 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 388 वयस्क और 10 नाबालिग पीड़ित शामिल थे।
आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में घरेलू हिंसा के 297 मामले सामने आए, जिनमें से 190 का निस्तारण किया गया, जबकि करीब 100 मामले अब भी लंबित हैं। उत्पीड़न और धमकी से जुड़े 83 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 42 का निपटारा हो चुका है और 41 में जाँच जारी है। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न और संबंधित अपराधों के 19 मामले दर्ज किए गए — 9 का निस्तारण हो चुका है जबकि 10 में कार्रवाई अभी जारी है।
आगे क्या होगा
रासायनिक जाँच रिपोर्ट के आने के बाद मौत के सटीक कारण की पुष्टि होगी और जाँच को नई दिशा मिलेगी। हिरासत में लिए गए संदिग्धों के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जल्द ही आरोपियों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। गौरतलब है कि इस तरह के मामलों में पाकिस्तान में जवाबदेही और त्वरित न्याय की माँग बार-बार उठती रही है।