11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या केन्या में भारी बारिश के बाद भू-स्खलन ने 13 लोगों की जान ले ली?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या केन्या में भारी बारिश के बाद भू-स्खलन ने 13 लोगों की जान ले ली?

सारांश

कई क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण 13 लोगों की जान चली गई है। केन्या में भारी बारिश जारी है। जानें अधिक जानकारी इस संकट की।

मुख्य बातें

भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटना हुई।
13 लोगों की जान गई और कई लोग लापता हैं।
बचाव कार्यों में सेना और पुलिस की मदद ली जा रही है।
जलवायु परिवर्तन के कारण स्थिति गंभीर हो रही है।
मौसम विज्ञान विभाग ने और भूस्खलन की चेतावनी दी।

नैरोबी, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केन्या में लगातार हो रही बारिश ने कई क्षेत्रों में आपदा का रूप ले लिया है। शनिवार सुबह पश्चिमी केन्या की रिफ्ट वैली में एक बड़े भूस्खलन ने लगभग 13 लोगों की जान ले ली। स्थानीय समाचार माध्यमों के अनुसार, इस घटना की जानकारी मिली है।

गृह मंत्री किपचुम्बा मुरकोमेन ने कहा कि बचाव कार्यों में सहायता के लिए सेना और पुलिस के हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।

आंतरिक और राष्ट्रीय प्रशासन मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया कि अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर की बारिश के कारण कई काउंटियों में जानमाल का नुकसान, चोटें और संपत्ति का विनाश हुआ है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मुकुर्टवो में माचेम्बर सब-लोकेशन है, जहां शुक्रवार रात भारी बारिश के बाद एक बड़ा भूस्खलन हुआ। मंत्रालय के अनुसार यहां 13 शव बरामद किए गए हैं और लापता लोगों की खोज जारी है। उन्नीस लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि कई अन्य का इलाज चेसोंगोच मिशन हॉस्पिटल में चल रहा है।

भूस्खलन के कारण बचाव कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं, जिसमें कॉप्सोवार-चेसोई रोड भी पूरी तरह से बंद हो गया है। गृहमंत्री ने सोशल मीडिया पर मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

इस बीच, केन्या मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे पहाड़ी और नदी वाले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

पिछले कुछ वर्षों में केन्या में भूस्खलन और बाढ़ के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण स्थिति और गंभीर हो रही है।

पिछले साल मध्य केन्या में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में 61 लोग मारे गए थे।

मंत्रालय के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए हवाई सहायता, इमरजेंसी टीमें, और फर्स्ट रिस्पॉंडर्स तैनात किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को भी दर्शाता है। सरकार को चाहिए कि वह आपातकालीन योजनाओं को और मजबूत करे ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केन्या में भूस्खलन क्यों हो रहा है?
भूस्खलन की मुख्य वजह लगातार भारी बारिश और जलवायु परिवर्तन है।
इस भूस्खलन में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस भूस्खलन में लगभग 13 लोगों की जान गई है और कई लोग लापता हैं।
बचाव कार्यों में कौन-कौन शामिल है?
बचाव कार्यों में सेना, पुलिस और इमरजेंसी टीमें शामिल हैं।
क्या भविष्य में और ऐसे भूस्खलन हो सकते हैं?
जी हां, मौसम विज्ञान विभाग ने और भूस्खलन के खतरे की चेतावनी दी है।
सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कर रही है?
सरकार ने हवाई मदद, इमरजेंसी टीमें और फर्स्ट रिस्पॉंडर्स तैनात किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले