कीर्ति वर्धन सिंह ने आइसलैंड के पोरस्मोर्क वन में 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत रोवन का पौधा लगाया
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को आइसलैंड के ऐतिहासिक पोरस्मोर्क वन का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत आइसलैंड की देशी प्रजाति रोवन का पौधा रोपित किया। यह भारत-आइसलैंड पर्यावरण सहयोग की दिशा में एक प्रतीकात्मक किंतु महत्त्वपूर्ण पहल है।
पोरस्मोर्क वन में वृक्षारोपण
सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आइसलैंड के पोरस्मोर्क वन का दौरा किया और इसके अनोखे पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने तथा उसकी रक्षा के लिए किए जा रहे प्रेरणादायक संरक्षण प्रयासों को देखा।' उन्होंने यह भी बताया कि रोवन के पेड़ को ऐतिहासिक रूप से आइसलैंड की लोककथाओं में पवित्र माना जाता है और परंपरागत रूप से इसे काटने से बचाया जाता है। इस प्रजाति का चुनाव स्थानीय पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्त्व दोनों को ध्यान में रखकर किया गया।
आइसलैंड के जलवायु मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता
शुक्रवार को रेक्जाविक में सिंह ने आइसलैंड के पर्यावरण, ऊर्जा एवं जलवायु मंत्री जोहान पॉल जोहानसन से मुलाकात की। जोहानसन हाल ही में भारत में आयोजित दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में भाग लेकर लौटे थे। दोनों नेताओं ने स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई तथा सतत विकास में द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
हेल्लीशेइदी भू-तापीय ऊर्जा संयंत्र का निरीक्षण
मंत्री ने हेल्लीशेइदी पावर प्लांट का भी दौरा किया, जो विश्व की अग्रणी भू-तापीय ऊर्जा सुविधाओं में शामिल है। उन्होंने इस यात्रा को 'बेहद ज्ञानवर्धक' बताते हुए कहा कि स्वच्छ और सतत ऊर्जा के लिए भू-तापीय संसाधनों के अभिनव उपयोग में आइसलैंड की क्षमता को करीब से समझने का अवसर मिला। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में भारत-आइसलैंड सहयोग को और मज़बूत करने हेतु कई महत्त्वपूर्ण सीख मिली हैं।
भारतीय दूतावास अधिकारियों से संवाद
रेक्जाविक स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ बातचीत में सिंह ने राजनयिक प्राथमिकताओं को समर्पण और उद्देश्यपूर्णता के साथ आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने पीएम मोदी के 3टी — व्यापार (ट्रेड), प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) और पर्यटन (टूरिज्म) के विजन को केंद्र में रखते हुए भारत-आइसलैंड संबंधों को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में और गहरा करने का आह्वान किया।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत वैश्विक जलवायु मंचों पर अपनी हरित साख को मज़बूत करने में सक्रिय है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत देश-विदेश में वृक्षारोपण की यह श्रृंखला पर्यावरण कूटनीति का एक नया आयाम प्रस्तुत करती है। भारत और आइसलैंड के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर भू-तापीय तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ इस यात्रा के बाद और व्यापक होने की उम्मीद है।