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विश्व पर्यावरण दिवस पर पीयूष गोयल ने तिरुमला पहाड़ियों में लगाया पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बताया भावनात्मक अनुभव

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विश्व पर्यावरण दिवस पर पीयूष गोयल ने तिरुमला पहाड़ियों में लगाया पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बताया भावनात्मक अनुभव

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने तिरुमला की पवित्र पहाड़ियों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने इसे भावनात्मक अनुभव बताते हुए मिशन लाइफ के तहत जनभागीदारी और हरित भारत के निर्माण का आह्वान किया।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर तिरुमला की पहाड़ियों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मिशन लाइफ' विजन का उल्लेख करते हुए अधिक वृक्षारोपण की अपील की।
गोयल ने भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर में दर्शन किए और राष्ट्र व आंध्र प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भारतीय संस्कृति और मातृ-सम्मान की भावना से जोड़ा।
केंद्रीय मंत्री ने पर्यावरण रक्षा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर तिरुमला की पवित्र पहाड़ियों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। आंध्र प्रदेश के तिरुमला में हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने प्रकृति के प्रति भारतीय संस्कृति की गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

मुख्य घटनाक्रम

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि तिरुमला की शांत और प्राकृतिक वादियों में पौधरोपण कर उन्होंने प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा, 'भारत की संस्कृति मां, मातृभूमि और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना पर आधारित है। पर्यावरण की रक्षा हम सभी का साझा दायित्व है।'

गोयल ने यह भी बताया कि वे हर वर्ष जून के शुरुआती दिनों में अपने जन्मदिन के आसपास भगवान बालाजी का आशीर्वाद लेने तिरुपति आते हैं। इस बार उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण को अपनी इस वार्षिक यात्रा का हिस्सा बनाया।

मिशन लाइफ और जनभागीदारी का आह्वान

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मिशन लाइफ' के विजन का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने इसे एक जनभागीदारी अभियान बताया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वच्छ और मजबूत भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गोयल ने कहा कि देश के बच्चे अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाएंगे और जीवनभर उसकी देखभाल करेंगे — ठीक उसी तरह जैसे वे अपनी मां का सम्मान और संरक्षण करते हैं। यह भावनात्मक जुड़ाव ही इस अभियान को अन्य वृक्षारोपण कार्यक्रमों से अलग बनाता है।

भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन

पौधरोपण के अलावा गोयल ने तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर में दर्शन भी किए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'भगवान बालाजी हम सभी को राष्ट्र सेवा और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मैंने प्रार्थना की कि उनकी कृपा मंदिर से जुड़े सभी लोगों, तिरुपति नगर, आंध्र प्रदेश और पूरे भारतवर्ष पर बनी रहे।'

व्यक्तिगत संदेश और प्रतिबद्धता

गोयल ने इस अनुभव को अपने लिए विशेष रूप से भावनात्मक बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए ईश्वरीय आशीर्वाद है कि मुझे तिरुमला बालाजी की पवित्र पहाड़ियों में अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने का अवसर मिला। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री के इस अभियान से पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।'

केंद्रीय मंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील के साथ अपना संदेश समाप्त किया। गौरतलब है कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई उन पहलों में से एक है जो पर्यावरण चेतना को सांस्कृतिक और पारिवारिक भावनाओं से जोड़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वृक्षारोपण अभियानों की असली कसौटी रोपे गए पौधों की जीवित रहने की दर और दीर्घकालिक देखभाल है — जिस पर भारत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। तिरुमला जैसे संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र में पौधरोपण प्रतीकात्मक रूप से सशक्त है, परंतु स्थानीय जैव-विविधता के अनुकूल प्रजातियों के चयन और वन विभाग की निगरानी के बिना ऐसे आयोजन महज फोटो अवसर बनकर रह जाते हैं। मिशन लाइफ का विजन व्यापक है, किंतु नीतिगत स्तर पर इसके क्रियान्वयन की जवाबदेही तंत्र अभी भी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान है, जिसमें नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने और जीवनभर उसकी देखभाल करने का आह्वान किया गया है। यह अभियान पर्यावरण चेतना को पारिवारिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़ता है।
पीयूष गोयल ने तिरुमला में पौधरोपण कब और क्यों किया?
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर तिरुमला की पहाड़ियों में पौधरोपण किया। गोयल ने बताया कि वे हर वर्ष जून में अपने जन्मदिन के आसपास भगवान बालाजी के दर्शन के लिए तिरुपति आते हैं और इस बार उन्होंने इस यात्रा को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जोड़ा।
मिशन लाइफ क्या है और इसका पर्यावरण से क्या संबंध है?
मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment) प्रधानमंत्री मोदी की एक पहल है जो नागरिकों को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है। इसमें वृक्षारोपण, ऊर्जा की बचत और प्रकृति संरक्षण जैसे व्यवहार शामिल हैं।
पीयूष गोयल ने तिरुमला यात्रा में और क्या किया?
पौधरोपण के अलावा उन्होंने तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर में दर्शन किए और राष्ट्र सेवा, तिरुपति नगर तथा पूरे भारतवर्ष की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी क्यों जरूरी है?
गोयल के अनुसार पर्यावरण की रक्षा किसी एक सरकार या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से चलने वाले अभियान ही आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ भारत का निर्माण कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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