मुंबई में पौधरोपण अभियान: शिल्पा शेट्टी, पंकजा मुंडे और निति मोहन ने दिया ग्लोबल वॉर्मिंग के खिलाफ संदेश
सारांश
मुख्य बातें
ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच मुंबई में 25 मई 2026 को एक बड़े पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें फिल्म जगत, संगीत और राजनीति की प्रमुख हस्तियों ने एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया। आसिफ भामला फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, महाराष्ट्र सरकार की मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता पंकजा मुंडे और गायिका निति मोहन ने शिरकत की।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
भामला फाउंडेशन के 'भूमि नमस्कार' अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद पर्यावरण दिवस के अवसर पर नागरिकों में पौधरोपण के प्रति जागरूकता फैलाना था। आयोजन में स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधे लगाए, जिसे उपस्थित हस्तियों ने सुखद अनुभव बताया।
पंकजा मुंडे का संबोधन
पंकजा मुंडे ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने मां के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चला रहे हैं। हमें जन्म देने वाली मां और हमें जीवन देने वाली धरती मां, दोनों का संरक्षण हमारा कर्तव्य है।" उन्होंने आगे कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और बढ़ते तापमान पर अंकुश लगाना इस अभियान का केंद्रीय लक्ष्य है।
शिल्पा शेट्टी की अपील — सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी मानने की सोच को चुनौती देते हुए कहा, "फिटनेस और वेलनेस केवल खुद तक सीमित नहीं हो सकती। अगर हमारा ग्रह स्वस्थ रहेगा, तभी हम पूरी तरह स्वस्थ रह पाएंगे।" उन्होंने ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन को 'आज के समय की कड़वी सच्चाई' बताते हुए हर नागरिक से जमीनी स्तर पर पहल करने की अपील की।
निति मोहन का अनुभव
गायिका निति मोहन ने बताया कि वे इस अभियान से लंबे समय से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, "यह पर्यावरण हम सभी का एक साझा घर है और इसकी देखभाल करना ही हम सभी का कर्तव्य है। अक्सर भागदौड़ में हम पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं, लेकिन जब भामला फाउंडेशन और 'भूमि नमस्कार' जैसे अभियान सामने आते हैं, तो सबमें एक नया उत्साह जाग जाता है।" उन्होंने स्कूली बच्चों को पौधरोपण करते देखने को 'बेहद सुखद अनुभव' बताया।
आगे की राह
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत समेत पूरी दुनिया रिकॉर्ड तापमान और अनियमित मौसम से जूझ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार सामूहिक पौधरोपण अभियान तभी प्रभावी होते हैं जब लगाए गए पौधों की दीर्घकालिक देखभाल सुनिश्चित की जाए। भामला फाउंडेशन के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि आम नागरिकों में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता का विस्तार होगा।