विश्व पर्यावरण दिवस: मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में किया पौधारोपण
सारांश
मुख्य बातें
विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय ने नई दिल्ली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से इस राष्ट्रव्यापी हरित पहल में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
विधायक उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह अभियान पहले ही शुरू किया था, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर पौधारोपण के ज़रिये पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, 'पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो हम सुरक्षित रहेंगे। मिट्टी, हवा और नदियों को बचाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा, तभी आगे चलकर स्थिति सकारात्मक होगी।'
मालवीय नगर अग्निकांड को श्रद्धांजलि
इस कार्यक्रम में एक भावपूर्ण पहलू भी रहा — उपाध्याय ने मालवीय नगर अग्निकांड में जान गंवाने वाले 21 लोगों की स्मृति में 21 पेड़ लगाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, 'आज हमने उस हादसे में जान गंवाने वाले विदेशियों के नाम पेड़ लगाए हैं। यह बेहद दुखद समय में आयोजित कार्यक्रम है।' उन्होंने उन स्थानीय नागरिकों की भी सराहना की जिन्होंने राहत एवं बचाव दलों के पहुँचने से पहले ही पीड़ितों की मदद की, इसे 'मानवता का सबसे बड़ा धर्म' बताया।
BJP नेताओं की भागीदारी
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल और विश्व पर्यावरण दिवस के संयोग पर देशभर में यह अभियान नई गति पकड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा इस बात का प्रमाण है कि भारत ने वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बनाई है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री स्वयं स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और 'भारत के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना' यह डील की जाएगी। उनके अनुसार, आने वाले दिनों में व्यापार और उद्योग के लिए बड़े अवसर उभरेंगे।
वीरेंद्र सचदेवा का संदेश
BJP नेता वीरेंद्र सचदेवा ने भी पौधारोपण में भाग लिया और कहा, 'प्रकृति को हम अपनी माँ के रूप में देखते हैं। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण देने के लिए हमें आज से ही छोटे-छोटे बदलाव करने होंगे — जैसे पेपरलेस कार्य और प्लास्टिक का उपयोग कम करना।'
आगे की राह
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नागरिक सहभागिता बढ़ाने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पौधारोपण पर्याप्त नहीं — पौधों की दीर्घकालिक देखभाल और उनके जीवित रहने की दर सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है। उपाध्याय ने स्वयं इस बात पर जोर दिया कि 'मौजूदा वृक्षों को पानी देना और उनकी सुरक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है जितना नए पेड़ लगाना।'