क्या चीन अफ्रीकी देशों का सच्चा दोस्त है? मोहम्मद अली यूसुफ के विचार
सारांश
Key Takeaways
- चीन ने अफ्रीका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- अफ्रीकी संघ चीन का समर्थन करता है।
- दोनों देशों के बीच संबंध समान हितों पर आधारित हैं।
- गरीबी उन्मूलन में चीन की सफलता प्रेरणादायक है।
- अफ्रीका और चीन के बीच साझेदारी का महत्व है।
बीजिंग, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद अली यूसुफ ने हाल ही में अदीस अबाबा में चाइना मीडिया ग्रुप को एक विशेष साक्षात्कार दिया। यह उनका पद ग्रहण करने के बाद पहला मीडिया साक्षात्कार है। उन्होंने बताया कि उनके तीस वर्षों के राजनयिक अनुभव में, वे चीन और अफ्रीका के मैत्रीपूर्ण संबंधों के विकास के साक्षी रहे हैं।
चीन अफ्रीकी देशों का सच्चा मित्र है। जब अन्य देशों ने अफ्रीका की बुनियादी ढांचे और प्रमुख क्षेत्रों के विकास में मदद करने की इच्छा नहीं दिखाई, तब चीन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। अफ्रीकी संघ हमेशा चीन के साथ खड़ा रहेगा और एक चीन सिद्धांत का समर्थन करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि अफ्रीका-चीन संबंध समान हितों, पारस्परिक सम्मान और समझ पर आधारित हैं, जो अफ्रीका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अफ्रीका ने समानता पर आधारित सहयोग का एक मॉडल विकसित करने का प्रयास किया है।
उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कई दशकों में चीन का विकास एक अद्भुत प्रक्रिया है, जिसने हमारे सभी देशों के लिए प्रेरणादायक विकास का मॉडल प्रस्तुत किया है। इसीलिए अफ्रीका चीन के साथ पारस्परिक सम्मान के आधार पर सहयोग का वातावरण बनाने में संलग्न है।
उन्होंने कहा कि पिछले 26 वर्षों में चीन-अफ्रीका सहयोग मंच ने दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग मंच स्थापित किया है। अफ्रीकी देश हमेशा इस मंच के प्रत्येक सम्मेलन में सक्रियता से भाग लेते हैं। चीन ने गरीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हमारी आशा है कि अफ्रीका इस सफल अनुभव से सीखकर करोड़ों अफ्रीकी लोगों को गरीबी से बाहर निकालेगा।
उन्होंने कहा कि चीन अफ्रीका का विश्वसनीय मित्र है। बल-राजनीति और प्रभुत्ववाद के उदय के संदर्भ में, अफ्रीका और चीन को अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि दोनों पक्षों की जनता को अधिक कल्याण प्राप्त हो।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)