19 मार्च को नंद गोपाल नंदी करेंगे नोएडा प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा, किसानों के मामलों पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- समीक्षा बैठक: 19 मार्च को होगी, महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा।
- किसान मामलों का आकलन: 5 प्रतिशत भूखंडों की स्थिति पर जानकारी।
- वित्तीय बजट: वर्ष 2026 के लिए तैयारियों का आकलन।
- अवैध निर्माण: स्थिति की जानकारी और कार्रवाई।
- बकायेदार बिल्डर्स: 100 करोड़ रुपए से अधिक के बकायेदारों की सूची।
नोएडा, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी १९ मार्च को नोएडा प्राधिकरण के कार्यों की गहन समीक्षा करेंगे। यह बैठक सुबह ११ बजे नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं और वित्तीय मामलों से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा। आगामी २५ मार्च को प्रस्तावित प्राधिकरण की वित्तीय बजट बैठक से पहले होने वाली यह समीक्षा बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, समीक्षा बैठक का मुख्य एजेंडा वर्ष २०२६ के वित्तीय बजट की तैयारियों का आकलन करना होगा। इसके अलावा पिछले चार वर्षों में अलग-अलग श्रेणियों के भूखंडों के आवंटन और उपयोग का विस्तृत ब्यौरा भी मंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के लैंड बैंक की स्थिति, अवैध निर्माणों की संख्या और अब तक हटाए गए अवैध निर्माणों की जानकारी भी दी जाएगी।
समीक्षा बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे। खासतौर पर किसानों को दिए जाने वाले ५ प्रतिशत विकसित भूखंडों की स्थिति, किसानों के लंबित मामलों और पिछले चार वर्षों में दिए गए मुआवजे का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर प्राधिकरण द्वारा दिए गए जवाबों की भी समीक्षा की जाएगी। बैठक में प्राधिकरण के बड़े वित्तीय मामलों पर भी चर्चा होगी। विशेष रूप से १०० करोड़ रुपए से अधिक के बकायेदार बिल्डरों की सूची और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
इसके अलावा, एनसीएलटी और एनसीएलएटी में चल रहे मामलों की स्थिति तथा नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की सिफारिशों के आधार पर बिल्डरों को दिए गए लाभ और उससे जुड़े वित्तीय प्रभावों की भी समीक्षा होगी। औद्योगिक विकास मंत्री के सामने पिछले चार वर्षों में प्राधिकरण द्वारा विभिन्न परियोजनाओं पर किए गए निर्माण खर्च का भी पूरा विवरण रखा जाएगा। इसमें सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, वेस्ट डिस्पोजल और पार्कों के विकास पर हुए खर्च का अलग-अलग विभागवार ब्यौरा शामिल होगा।
दरअसल, यह समीक्षा बैठक पिछले महीने प्रस्तावित थी, लेकिन किसी कारणवश इसे स्थगित कर दिया गया था। अब १९ मार्च को होने वाली इस बैठक के लिए प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने सभी दस वर्क सर्किल से पिछले चार वित्तीय वर्षों में किए गए खर्च और विकास कार्यों का पूरा डेटा मांगा है। इन सभी जानकारियों को संकलित कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे बैठक के दौरान मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक यह बैठक आगामी वित्तीय बजट से पहले प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए अहम मानी जा रही है। इसके आधार पर आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।