क्या नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में आवास और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए?
सारांश
Key Takeaways
- आवासीय समिति के लिए 8 सदस्यीय समिति का गठन।
- पर्यावरण के लिए आधुनिक शोधन प्रणाली की स्थापना।
- पुरानी परियोजनाओं के समाधान की समीक्षा।
- सिटी लॉजिस्टिक प्लान के लिए सलाहकार का चयन।
- फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री को शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश।
नोएडा, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक शनिवार को प्राधिकरण सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। इस दौरान प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हुए जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम., यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने भाग लिया। बोर्ड ने आवासीय समितियों के पक्ष में आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर निर्मित फ्लैट्स से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए 8 सदस्यीय समिति के गठन को मंजूरी दी।
यह समिति अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी और त्रिपक्षीय उप-पट्टा पंजीकरण से संबंधित समस्याओं का समाधान करेगी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में ट्रेनों के सुधार एवं शोधन के लिए आधुनिक शोधन प्रणाली (एसटीपी) की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की पर्यावरण शोधन प्रणाली उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं से ई-निविदा के माध्यम से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित की जाएगी, जिसमें पांच वर्षों के संचालन एवं अनुरक्षण का प्रावधान होगा।
नोएडा प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना 2011-1 (संशोधित 2016) के अंतर्गत कृषक श्रेणी के लिए आवंटित भूखंडों में शेष आवेदकों के बीच ड्रॉ प्रक्रिया को लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्तर की समिति गठित करने का निर्णय भी बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही, सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली या आईआईटी रुड़की से प्रस्तुतीकरण प्राप्त कर सलाहकार संस्था के चयन को भी मंजूरी दी गई।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़े मामलों में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सेक्टर-150 स्थित एससी-02/एच एंड आई के लिए सशर्त अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करने की जानकारी बोर्ड के संज्ञान में लाई गई। इसके अलावा, इस परियोजना में आगे की कार्यवाही के लिए बोर्ड ने आवश्यक निर्देश भी दिए।
बैठक में यूनिफाइड रेगुलेशंस-2025 के अंतर्गत वाणिज्यिक, संस्थागत एवं औद्योगिक प्रावधानों में आंशिक संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। पुरानी अटकी हुई भू-संपदा परियोजनाओं (लिगेसी स्टॉल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स) के समाधान को लेकर शासनादेश के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि चिन्हित 57 परियोजनाओं में से 30 परियोजनाओं ने 31 दिसंबर 2025 तक इस नीति का लाभ उठाया है। अब तक कुल 872.12 करोड़ रुपए की धनराशि प्राधिकरण में जमा कराई जा चुकी है, जिससे लगभग 6855 फ्लैट खरीदारों को राहत मिलेगी। वर्तमान में 4134 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। बोर्ड ने शेष फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री शीघ्र सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।