मुंबई में फ्लैट दिलाने के नाम पर 37 लाख की ठगी, आरोपी हुआ गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- आरोपी ने फ्लैट दिलाने का झांसा देकर पैसे ठगे।
- पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की।
- लोगों को एजेंट की जांच करने की सलाह दी गई है।
- धोखाधड़ी के मामलों में सतर्क रहना ज़रूरी है।
- पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है।
मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कालाचौकी पुलिस ने महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण के फ्लैट दिलाने का झांसा देकर 37 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने पीड़ित को फ्लैट देने का आश्वासन देकर बड़ी राशि हड़प ली और बाद में फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम रूपेश सावंत है, जो कनकवली तालुका के भिरवांडे गांव का निवासी है। उसने खुद को महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण का एजेंट बताकर पीड़ित से संपर्क किया।
आरोपी ने पीड़ित को एक फ्लैट दिखाया और कहा कि वह उसे जल्दी आवंटित करवा देगा। इसके लिए उसने पीड़ित से 37 लाख रुपए की कुल राशि ले ली। लेकिन, बाद में आरोपी ने वही फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब पीड़ित ने फ्लैट के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपी ने एक और फ्लैट दिलाने का नया वादा किया और कुछ और पैसे भी हड़प लिए।
जांच में यह सामने आया कि दूसरे फ्लैट का असली मालिक पीड़ित से कोई राशि नहीं प्राप्त कर सका। आरोपी ने पैसे लौटाने का आश्वासन देकर अपने गांव भाग निकला।
कालाचौकी पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी को भिरवांडे गांव से पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही चार विभिन्न पुलिस थानों में इसी तरह के धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार धोखाधड़ी के आरोप में फंस चुका है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पीड़ित को बार-बार झूठे वादों से विश्वास दिलाने का प्रयास किया और धीरे-धीरे पूरी राशि हड़प ली। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी फ्लैट या संपत्ति के लिए एजेंट पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच कर लें और महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से सत्यापन अवश्य करवाएं।