विदेश मंत्री जयशंकर ने आर्मेनिया का किया धन्यवाद, ईरान से निकाले गए 550+ भारतीय नागरिकों की मदद के लिए

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विदेश मंत्री जयशंकर ने आर्मेनिया का किया धन्यवाद, ईरान से निकाले गए 550+ भारतीय नागरिकों की मदद के लिए

सारांश

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ईरान से 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर लाने में आर्मेनिया की मदद के लिए धन्यवाद किया। ये नागरिक हाल के संघर्षों के चलते संकट में थे।

Key Takeaways

  • डॉ. एस जयशंकर ने आर्मेनिया का धन्यवाद किया।
  • ईरान से 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को निकाला गया।
  • जेकेएसए ने 70 छात्रों की सुरक्षित वापसी की पुष्टि की।
  • भारत ईरान में नागरिकों की सहायता कर रहा है।
  • भारत और आर्मेनिया के बीच सहयोग को दर्शाता है।

नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इस समय बेल्जियम की यात्रा पर हैं। मध्य पूर्व में मौजूदा समय में गंभीर तनाव बना हुआ है, जिससे वहां के लोगों के जीवन को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसी संदर्भ में, विदेश मंत्री ने सोमवार को ईरान से 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद के लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद किया।

डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया के लोगों और सरकार का धन्यवाद। इस कठिन समय में उनके समर्थन की मैं सराहना करता हूं।"

यह उल्लेखनीय है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष की शुरुआत २८ फरवरी को हुई। यह स्थिति तेजी से पश्चिम एशिया तक फैल गई है। वर्तमान में, भारत उन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहा है जो पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं। इस बीच, जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने रविवार को सूचित किया कि ईरान से आर्मेनिया के माध्यम से निकाले गए ७० भारतीय छात्रों का पहला बैच सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गया है।

जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया, "७० से अधिक भारतीय छात्रों का पहला बैच, जिनमें ज्यादातर जम्मू और कश्मीर से थे, और कई तीर्थयात्री भी शामिल थे, जो इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान में फंसे हुए थे, आज सुबह एक कमर्शियल विमान से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, नई दिल्ली पर सुरक्षित पहुंच गए। यह प्रक्रिया मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को निकालने की एक शुरुआत है।"

उन्होंने आगे कहा, "छात्रों ने संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करते हुए लंबी और कठिन जमीनी और हवाई यात्रा के बाद आर्मेनिया और दुबई होते हुए भारत लौटने का सफर तय किया।"

विदेश मंत्रालय ने १२ मार्च को कहा था कि भारत ईरान में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रहा है और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच शिपिंग की सुरक्षा और देश की ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को भी सुलझा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सहायता पर जोर देते हुए कहा कि कई नागरिक घर लौट चुके हैं, जबकि जो लोग जाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए सहायता उपलब्ध है। मंत्रालय ने ईरान छोड़ने की इच्छा रखने वाले भारतीय नागरिकों से तेहरान में भारतीय दूतावास द्वारा हाल ही में जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने का अनुरोध किया।

रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में हर हफ्ते होने वाली मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "ईरान में हमारे लगभग ९,००० भारतीय नागरिक हैं, जिनमें छात्र, नाविक, व्यवसायी, पेशेवर और तीर्थयात्री शामिल हैं। पहले जारी की गई एडवाइजरी के बाद, कई भारतीय नागरिक, खासकर छात्र, पहले ही घर लौट चुके हैं। हमने हाल ही में तेहरान में रहने वाले कई भारतीय नागरिकों, जिनमें छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं, को देश के अन्य सुरक्षित स्थानों और शहरों में स्थानांतरित किया है।"

Point of View

बल्कि यह भारत और आर्मेनिया के बीच सहयोग को भी दर्शाती है। विदेश मंत्री का आभार व्यक्त करना एक सकारात्मक कदम है, जो दर्शाता है कि मुश्किल समय में मित्र देशों का सहयोग कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

विदेश मंत्री जयशंकर ने किस देश का धन्यवाद किया?
विदेश मंत्री जयशंकर ने आर्मेनिया का धन्यवाद किया।
कितने भारतीय नागरिकों को ईरान से निकाला गया?
ईरान से 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को निकाला गया।
इस समय ईरान में कितने भारतीय नागरिक मौजूद हैं?
ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक हैं।
जेकेएसए ने कितने छात्रों की सुरक्षित वापसी की सूचना दी?
जेकेएसए ने 70 भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी की सूचना दी।
भारत ईरान में नागरिकों की सहायता कैसे कर रहा है?
भारत ईरान में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रहा है।
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