क्या आईसीई अधिकारी ने अमेरिकी महिला को गोली मारकर मौत के घाट उतारा? ट्रंप बोले- 'सेल्फ डिफेंस' है
सारांश
Key Takeaways
- मिनियापोलिस में आईसीई अधिकारी ने महिला को गोली मारी।
- ट्रंप ने इसे सेल्फ डिफेंस बताया।
- घटना के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे हैं।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) एजेंट ने 37 वर्षीय अमेरिकी महिला रेनी निकोल गुड को गोली मार दी। इस घटना के परिणामस्वरूप महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
अमेरिका में प्रवासियों के लिए माहौल काफी जोखिम भरा हो गया है। ट्रंप की नई नीति के बाद से प्रवासी लोगों की जिंदगी को लेकर खतरा बना हुआ है। आईसीई की इस कायराना हरकत को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सही ठहराया है। ट्रंप का कहना है कि आईसीई अधिकारी ने सेल्फ डिफेंस में महिला को गोली मारी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर इस घटना पर लिखा, "मैंने अभी-अभी मिनियापोलिस, मिनेसोटा में हुई घटना की क्लिप देखी है। यह देखना बहुत बुरा है। जो महिला चिल्ला रही थी, वह साफ तौर पर एक प्रोफेशनल आंदोलनकारी थी, और कार चला रही महिला बहुत बदतमीज थी, रुकावट डाल रही थी और विरोध कर रही थी।"
ट्रंप ने कहा, "स्थिति की पूरी तरह से स्टडी की जा रही है, लेकिन ये घटनाएं इसलिए हो रही हैं क्योंकि कट्टरपंथी वामपंथी हमारे कानून प्रवर्तन अधिकारियों और आईसीई एजेंट्स को रोजाना धमका रहे हैं।"
ट्रंप ने कहा कि वे बस अमेरिका को सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इन कट्टरपंथी वामपंथियों के हिंसक और नफरती आंदोलन से अपने कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ खड़े होकर उनकी रक्षा करनी होगी।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी आईसीई अधिकारी के इस कृत्य को सही ठहराते हुए कहा, "मैं चाहता हूं कि हर आईसीई अधिकारी को पता चले कि उनके राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पूरी सरकार उनके साथ खड़े हैं।"
मिनियापोलिस पुलिस चीफ ब्रायन ओहारा ने बताया कि मृतक महिला गुड की गाड़ी एक सड़क को ब्लॉक कर रही थी, तभी फेडरल एजेंट उसके पास आए। उन्होंने कहा, "महिला गाड़ी भगाने लगी। इस दौरान कम से कम दो गोलियां चलीं।"
गुड की मां, डोना गैंगर ने इस बात से इनकार किया कि उनकी बेटी एंटी-आईसीई प्रोटेस्ट में शामिल थी। गैंगर ने कहा, "वह शायद डरी हुई थी। रेनी उन सबसे अच्छे लोगों में से एक थी, जिन्हें मैंने कभी जाना है।"
डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी शहरों में आईसीई रेड की निंदा करते हुए इसे ताकत का गलत इस्तेमाल और प्रवासियों को बलि का बकरा बनाना बताया है।
इस पूरी घटना की चश्मदीद ने कहा कि ऐसा नहीं लग रहा था कि वह गुस्से में गाड़ी चला रही थी।
मिनियापोलिस के हेइटकैंप ने कहा कि एक लाल एसयूवी को सड़क पर ज्यादा तिरछा मोड़ दिया गया ताकि आईसीई एजेंट्स को रोका जा सके।
इस घटना के विरोध में लोग सड़कों पर भी उतर आए हैं।