21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिक्किम सुरंग हादसा: तीस्ता स्टेज-6 में भूस्खलन से 7 मजदूरों की मौत, मीथेन गैस से बचाव में बाधा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिक्किम सुरंग हादसा: तीस्ता स्टेज-6 में भूस्खलन से 7 मजदूरों की मौत, मीथेन गैस से बचाव में बाधा

सारांश

सिक्किम के नामची जिले में तीस्ता स्टेज-6 की निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन ने 7 जिंदगियाँ लील लीं। करीब 27 मजदूर फंसे थे, मीथेन गैस रिसाव ने बचाव को और जटिल बना दिया है। राष्ट्रीय एवं राज्य बचाव दल मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

मुख्य बातें

सिक्किम के नामची जिले में तीस्ता स्टेज-6 की निर्माणाधीन सुरंग में 21 जुलाई को भूस्खलन हुआ।
अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि; शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे गए।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 27 लोग सुरंग में फंसे थे; शेष की तलाश जारी।
सुरंग में मीथेन गैस रिसाव के कारण बचाव दलों को विशेष उपकरणों के साथ सावधानी से काम करना पड़ रहा है।
हादसे से पहले मजदूरों ने सुरंग के भीतर विस्फोट जैसी आवाज सुनी थी; दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं।
सुरंग का निर्माण पटेल इंजीनियरिंग द्वारा एनएचपीसी की परियोजना के तहत किया जा रहा है।

सिक्किम के नामची जिले के समरडुंग (झोलुंगे के निकट) में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में 21 जुलाई को हुए भूस्खलन में 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक अनुमान में लगभग 27 लोगों के सुरंग में फंसे होने की आशंका थी, और शेष मजदूरों की तलाश में बचाव अभियान अभी भी जारी है।

हादसे का घटनाक्रम

यह दुर्घटना मंगलवार दोपहर लगभग 3:09 बजे हुई, जब सुरंग के भीतर निर्माण कार्य सामान्य रूप से चल रहा था। सुरक्षित बाहर निकलने में सफल मजदूरों ने जिला प्रशासन को बताया कि हादसे से ठीक पहले उन्होंने सुरंग के अंदर विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनी थी, जिसके तुरंत बाद मलबा गिरने लगा और अफरा-तफरी मच गई। जो मजदूर समय रहते बाहर निकल सके, वे बच गए, लेकिन कई अन्य कर्मचारी सुरंग के भीतर ही फंस गए। यह सुरंग पटेल इंजीनियरिंग द्वारा निर्मित की जा रही है।

मीथेन गैस से बचाव में गंभीर बाधा

स्थिति उस समय और अधिक जटिल हो गई जब सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया। इस कारण बचाव दलों के लिए सुरंग में प्रवेश करना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया है। बचाव कर्मियों को विशेष सुरक्षा उपकरणों और गैस मॉनिटरिंग प्रणाली की सहायता से सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना पड़ रहा है। अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेज दिया गया है।

बचाव अभियान की स्थिति

जिला प्रशासन, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय बचाव एजेंसियाँ तथा परियोजना से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में लगे हैं। जिला कलेक्टर के अनुसार, दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है और जाँच जारी है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से संवेदनशील है और यहाँ पहले भी निर्माण कार्यों के दौरान भूस्खलन की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

आगे क्या होगा

बचाव दल फंसे हुए मजदूरों तक पहुँचने के प्रयास में जुटे हैं। मीथेन गैस की उपस्थिति के कारण अभियान की गति धीमी है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि किसी भी जीवित व्यक्ति को निकालने की संभावना को देखते हुए बचाव कार्य बिना रुके जारी रखा जाएगा। मृतकों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रोटोकॉल की कमी बार-बार सामने आती है। मीथेन गैस रिसाव जैसी स्थिति पूर्व-चेतावनी प्रणाली की अनुपस्थिति को उजागर करती है। जब तक जाँच एजेंसियाँ दुर्घटना के कारणों — विशेषकर विस्फोट जैसी आवाज के दावे — की पारदर्शी जाँच नहीं करतीं, तब तक जवाबदेही तय नहीं होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिक्किम सुरंग हादसा कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा 21 जुलाई को दोपहर लगभग 3:09 बजे सिक्किम के नामची जिले के समरडुंग (झोलुंगे के पास) में तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ।
सिक्किम सुरंग हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 27 लोग सुरंग में फंसे थे और शेष की तलाश जारी है।
तीस्ता स्टेज-6 सुरंग में बचाव कार्य में क्या बाधा आ रही है?
सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो जाने से बचाव दलों के लिए अंदर प्रवेश करना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया है। बचाव कर्मियों को विशेष सुरक्षा उपकरणों और गैस मॉनिटरिंग प्रणाली की सहायता से सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना पड़ रहा है।
तीस्ता स्टेज-6 सुरंग का निर्माण कौन कर रहा था?
यह सुरंग एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही है।
सिक्किम सुरंग हादसे का कारण क्या बताया जा रहा है?
जिला प्रशासन के अनुसार दुर्घटना का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालाँकि, सुरक्षित बाहर निकले मजदूरों ने बताया कि हादसे से ठीक पहले उन्होंने सुरंग के भीतर विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनी थी, जिसके बाद भूस्खलन हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 37 मिनट पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 4 घंटे पहले
  4. 16 घंटे पहले
  5. 19 घंटे पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 10 महीने पहले