23 जुलाई 2026
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सिक्किम टनल हादसा: झारखंड के चार मजदूरों की मौत, खूंटी-हजारीबाग-पश्चिमी सिंहभूम में पसरा शोक

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सिक्किम टनल हादसा: झारखंड के चार मजदूरों की मौत, खूंटी-हजारीबाग-पश्चिमी सिंहभूम में पसरा शोक

सारांश

रोजी-रोटी की तलाश में सिक्किम गए झारखंड के चार मजदूर अब कभी नहीं लौटेंगे। तीस्ता स्टेज-6 टनल में मीथेन गैस विस्फोट ने 22 जिंदगियाँ लील लीं — जिनमें खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम के चार युवा और अधेड़ शामिल हैं। उनके गाँवों में पसरा सन्नाटा प्रवासी मजदूरों की अनकही पीड़ा की कहानी कहता है।

मुख्य बातें

सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 टनल में मीथेन गैस विस्फोट से अब तक 22 लोगों की मौत।
झारखंड के 4 मजदूर — कृष्णा साहू (22) , बडरू विकास कंडुलना (25) , जगेश्वर ठाकुर (46) और मसीह बरजो (27) — हादसे में मारे गए।
मृतकों के परिजनों को एनएचपीसी से ₹5 लाख , सिक्किम सरकार से ₹4 लाख और PM राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिक्किम के CM प्रेम सिंह तमांग से बात कर सहायता का अनुरोध किया।
शव सड़क और हवाई मार्ग से झारखंड लाए जाएंगे; पूरा खर्च झारखंड सरकार वहन करेगी।

सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन हेड रेस टनल (HRT) में हुए भीषण विस्फोट ने झारखंड के चार मजदूरों की जान ले ली। 23 जुलाई को जब यह दुखद खबर उनके गाँवों तक पहुँची, परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस हादसे में अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गँवाने वाले झारखंड के चार मजदूरों की पहचान हो चुकी है। खूंटी जिले के रनिया प्रखंड स्थित डाहु गाँव के कृष्णा साहू (22 वर्ष) और बडरू विकास कंडुलना (25 वर्ष), हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड निवासी जगेश्वर ठाकुर (46 वर्ष) तथा पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमसिंग मदुरा गाँव निवासी मसीह बरजो (27 वर्ष) इस हादसे के शिकार हुए। चारों मजदूर रोजगार के सीमित अवसरों के कारण सैकड़ों किलोमीटर दूर सिक्किम में काम करने गए थे।

हादसे का कारण

अधिकारियों के अनुसार, टनल के भीतर खुदाई के दौरान मीथेन गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद तेज विस्फोट हो गया। विस्फोट से टनल का एक हिस्सा ढह गया और भीतर जहरीली गैस तथा धुएँ का गुबार फैल गया। हादसे के समय वहाँ काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

गाँवों में शोक का माहौल

मृतकों के गाँवों में गहरे शोक का माहौल है। परिजन और ग्रामीण घटना की सूचना मिलने के बाद से सदमे में हैं। चारों मजदूर अपने-अपने परिवारों के लिए आजीविका का मुख्य सहारा थे। उनके असमय निधन से परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया और राहत

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर झारखंड के मृतक और प्रभावित श्रमिकों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य का श्रम विभाग और प्रवासी श्रमिक (माइग्रेंट) सेल सक्रिय कर दिया गया है।

मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है — एनएचपीसी की ओर से ₹5 लाख, सिक्किम सरकार की ओर से ₹4 लाख और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख की सहायता दिए जाने की घोषणा की गई है।

शव वापसी की तैयारी

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, सिक्किम प्रशासन, एनएचपीसी और झारखंड सरकार के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद चारों शवों को सड़क और हवाई मार्ग से सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गाँवों तक पहुँचाया जाएगा, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। यह हादसा एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि भूमिगत निर्माण परियोजनाओं में मीथेन गैस जाँच और आपातकालीन निकासी प्रोटोकॉल कितने सख्त हैं। झारखंड से हर साल लाखों मजदूर दूसरे राज्यों में जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला तंत्र अभी भी कागजों तक सीमित दिखता है। जब तक निर्माण स्थलों पर स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य नहीं होता, ऐसी खबरें आती रहेंगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिक्किम टनल हादसे में झारखंड के कितने मजदूर मारे गए?
सिक्किम के नामची जिले में तीस्ता स्टेज-6 टनल हादसे में झारखंड के चार मजदूरों की मौत हुई है। ये मजदूर खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के रहने वाले थे।
सिक्किम टनल में हादसा कैसे हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की हेड रेस टनल में खुदाई के दौरान मीथेन गैस का रिसाव हुआ, जिससे तेज विस्फोट हुआ। इसके बाद टनल का एक हिस्सा ढह गया और भीतर जहरीली गैस फैल गई।
मृतक झारखंड मजदूरों के परिजनों को कितना मुआवजा मिलेगा?
मृतकों के परिजनों को एनएचपीसी की ओर से ₹5 लाख, सिक्किम सरकार की ओर से ₹4 लाख और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख — कुल ₹11 लाख की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की गई है।
झारखंड सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर सहायता का अनुरोध किया है। राज्य का श्रम विभाग और प्रवासी श्रमिक सेल सक्रिय कर दिया गया है, और शवों को हवाई व सड़क मार्ग से झारखंड लाने का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
सिक्किम टनल हादसे में कुल कितनी मौतें हुई हैं?
इस हादसे में अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें झारखंड के चार मजदूर शामिल हैं। बचाव और राहत कार्य जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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