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इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश: आईआरजीसी-प्रशिक्षित आतंकी गिरफ्तार, 18 हमलों से जुड़े तार

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इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश: आईआरजीसी-प्रशिक्षित आतंकी गिरफ्तार, 18 हमलों से जुड़े तार

सारांश

इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की साजिश सिर्फ एक व्यक्ति की कार्रवाई नहीं — यह आईआरजीसी-प्रशिक्षित नेटवर्क की वैश्विक पहुँच का संकेत है। 18 हमलों से जुड़े आरोपी अल-सादी की गिरफ्तारी ने अमेरिका-ईरान तनाव को नई धार दी है।

मुख्य बातें

32 वर्षीय इराकी नागरिक मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी पर इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश का आरोप है।
आरोपी को कथित तौर पर आईआरजीसी द्वारा ईरान में प्रशिक्षित किया गया था और वह कताइब हिजबुल्लाह से जुड़ा बताया जाता है।
उसने इवांका के फ्लोरिडा स्थित घर का फ्लोर प्लान और आवासीय क्षेत्र का नक्शा हासिल किया था।
अमेरिकी न्याय विभाग ने उस पर यूरोप और उत्तर अमेरिका में कम से कम 18 हमलों की योजना बनाने का आरोप लगाया है।
अल-सादी को 15 मई को तुर्किए में गिरफ्तार कर अमेरिका को सौंपा गया; अभी ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है।
साजिश की प्रेरणा जनवरी 2020 में बगदाद में मारे गए जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना बताई जाती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की एक गंभीर आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। आरोपी — 32 वर्षीय इराकी नागरिक मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी — को कथित तौर पर ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा प्रशिक्षित बताया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, वह जनवरी 2020 में बगदाद में अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की नीयत से काम कर रहा था।

साजिश का विवरण

रिपोर्टों के अनुसार, अल-सादी ने इवांका ट्रंप को मारने की कसम ली थी और उनके फ्लोरिडा स्थित आवास का फ्लोर प्लान भी हासिल कर लिया था। उसने सोशल मीडिया पर उस आवासीय क्षेत्र का नक्शा भी पोस्ट किया, जहाँ इवांका अपने पति जेरेड कुशनर के साथ रहती हैं। इसके साथ ही उसने अरबी भाषा में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और ट्रंप परिवार के खिलाफ धमकियाँ भी दीं।

अल-सादी ने कथित तौर पर कहा था, 'इवांका की हत्या का मतलब होगा ट्रंप के घर को जलाना, क्योंकि उन्होंने हमारे घर को जलाया है।' यह बयान उसकी वैचारिक प्रेरणा और सुलेमानी की मौत से जुड़े प्रतिशोध की मंशा को स्पष्ट करता है।

आईआरजीसी और मिलिशिया से संबंध

अल-सादी को शिया मिलिशिया कताइब हिजबुल्लाह और आईआरजीसी का करीबी माना जाता है। इराकी दूतावास के पूर्व सैन्य अताशे एंटिफाद कंबर के अनुसार, अल-सादी बगदाद में पला-बढ़ा और ईरानी जनरल अहमद काजमी की मौत के बाद आईआरजीसी ने उसे ईरान में प्रशिक्षण दिया। कंबर का यह भी दावा है कि आरोपी ने विदेश यात्रा और चरमपंथी समूहों से संपर्क बनाने के लिए एक कथित धार्मिक ट्रैवल एजेंसी का इस्तेमाल किया।

सोशल मीडिया पर वह बेहद सक्रिय था — उसने ईरानी सेना के प्रतीक चिह्नों की तस्वीरें और सुलेमानी के समर्थन में संदेश पोस्ट किए थे।

18 हमलों से जुड़े आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग ने अल-सादी पर यूरोप और उत्तर अमेरिका में अमेरिकी और यहूदी ठिकानों के खिलाफ कम से कम 18 हमलों को समन्वित करने या योजना बनाने का आरोप लगाया है। इनमें शामिल हैं:

एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन पर मोलोटोव कॉकटेल फेंकना, लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला, और टोरंटो में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर गोलीबारी। संघीय अधिकारियों ने उसे बेल्जियम और नीदरलैंड में यहूदी धार्मिक स्थलों पर आगजनी से भी जोड़ा है।

गिरफ्तारी और वर्तमान स्थिति

अल-सादी को 15 मई को तुर्किए में गिरफ्तार कर अमेरिका को सौंपा गया। फिलहाल उसे ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है और सुलेमानी की हत्या के बाद से ईरान समर्थित समूहों की अमेरिकी हितों के खिलाफ गतिविधियाँ लगातार चर्चा में रही हैं।

न्याय विभाग की जाँच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुलेमानी की हत्या के बाद से ईरान समर्थित नेटवर्क की सुनियोजित प्रतिशोध रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। चिंताजनक यह है कि 18 हमलों का आरोप यह दर्शाता है कि यह नेटवर्क यूरोप से उत्तर अमेरिका तक फैला हुआ है — और खुफिया एजेंसियाँ इसे कितने समय तक नज़रअंदाज़ करती रहीं, यह सवाल अनुत्तरित है। ट्रंप परिवार को सीधे निशाना बनाने की रणनीति राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है, जो अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि में और भी संवेदनशील हो जाती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश क्या थी?
आरोपी इराकी नागरिक अल-सादी ने इवांका ट्रंप को मारने की कसम ली थी और उनके फ्लोरिडा स्थित घर का फ्लोर प्लान तथा आवासीय क्षेत्र का नक्शा हासिल किया था। उसने सोशल मीडिया पर धमकियाँ भी पोस्ट की थीं।
मोहम्मद बाकिर अल-सादी को कब और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
अल-सादी को 15 मई को तुर्किए में गिरफ्तार किया गया और अमेरिका को सौंप दिया गया। फिलहाल वह ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है।
आईआरजीसी का इस साजिश से क्या संबंध है?
पूर्व सैन्य अताशे एंटिफाद कंबर के अनुसार, आईआरजीसी ने अल-सादी को ईरान में प्रशिक्षण दिया था। वह शिया मिलिशिया कताइब हिजबुल्लाह का भी करीबी बताया जाता है।
अल-सादी पर कितने हमलों के आरोप हैं?
अमेरिकी न्याय विभाग ने उस पर यूरोप और उत्तर अमेरिका में कम से कम 18 हमलों को समन्वित करने या योजना बनाने का आरोप लगाया है। इनमें एम्स्टर्डम, लंदन, टोरंटो, बेल्जियम और नीदरलैंड में हुई घटनाएँ शामिल हैं।
इस साजिश की प्रेरणा क्या बताई जाती है?
अधिकारियों के अनुसार, अल-सादी जनवरी 2020 में बगदाद में अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था। उसने खुद कहा था कि इवांका की हत्या ट्रंप के घर को जलाने के बराबर होगी।
राष्ट्र प्रेस
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