ट्रंप की हत्या पर ईरानी संसद में 50 मिलियन यूरो इनाम का प्रस्ताव, सुरक्षा समिति प्रमुख का बड़ा बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप की हत्या पर ईरानी संसद में 50 मिलियन यूरो इनाम का प्रस्ताव, सुरक्षा समिति प्रमुख का बड़ा बयान

सारांश

ईरानी संसद की सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने 'काउंटर-एक्शन' बिल का ऐलान किया है, जिसमें ट्रंप की हत्या पर 50 मिलियन यूरो इनाम का कथित प्रावधान है। यह कदम ईरान-अमेरिका संबंधों में नए और खतरनाक मोड़ का संकेत देता है।

मुख्य बातें

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने 'काउंटर-एक्शन' बिल की घोषणा की।
प्रस्तावित बिल में डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के बदले कथित तौर पर 50 मिलियन यूरो इनाम का प्रावधान।
ट्रंप , नेतन्याहू और CENTCOM कमांडर को 'जवाबी कार्रवाई' के लिए निशाना बनाने की बात कही गई।
हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' ने भी 50 मिलियन डॉलर इनाम का अलग दावा किया।
मार्च 2025 में ईरान में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को बड़े पैमाने पर 'किल ट्रंप' अभियान के संदेश भेजे गए।

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने घोषणा की है कि इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार किए जा रहे 'काउंटर-एक्शन' मसौदे को संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के बदले 50 मिलियन यूरो के इनाम का प्रावधान कथित तौर पर शामिल है। ईरान वायर और ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्टों के अनुसार, यह घटनाक्रम 16 मई 2025 को सामने आया।

प्रस्तावित बिल में क्या है

रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित बिल में यह प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन इस 'मिशन' को अंजाम देता है, तो ईरानी सरकार उसे 50 मिलियन यूरो का इनाम देने के लिए बाध्य होगी। अजीजी ने कहा कि ट्रंप, इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर को इस 'जवाबी कार्रवाई' के लिए निशाना बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या में इन नेताओं की कथित भूमिका का प्रतिशोध बताया।

अजीजी के बयान की पृष्ठभूमि

ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, अजीजी ने सरकारी टेलीविज़न को बताया कि मार्च 2025 में युद्ध शुरू होने के बाद से सांसदों ने कई विधेयक तैयार किए हैं, जिनमें से एक सैन्य और सुरक्षा बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई से संबंधित है। अजीजी ने कहा, 'हमारा मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति, इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और सेंटकॉम कमांडर को निशाना बनाया जाना चाहिए और उन पर जवाबी कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'यह हमारा अधिकार है। जैसे हमारे इमाम शहीद हुए, वैसे ही अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ भी किसी भी मुस्लिम या आज़ाद इंसान को पेश आना चाहिए।'

अन्य दावे और हैकिंग ग्रुप का बयान

इससे पहले, सरकार समर्थक अली अकबर राएफीपुर के मीडिया आउटलेट 'मसाफ' ने दावा किया था कि 'किल ट्रंप' नामक अभियान के लिए 50 मिलियन डॉलर के वित्तीय संसाधन कथित तौर पर सुरक्षित कर लिए गए हैं। ईरान वायर की रिपोर्ट के मुताबिक, हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' ने एक बयान जारी कर दावा किया कि समूह ने ट्रंप और नेतन्याहू को 'खत्म करने' के लिए 50 मिलियन डॉलर आवंटित किए हैं — यह रकम किसी भी व्यक्ति या समूह को दी जाएगी जो 'असल कार्रवाई' करेगा। बयान के अनुसार, उनके संचार और वित्तीय चैनल एन्क्रिप्शन और गुमनामी तकनीक से सुरक्षित बताए गए हैं।

व्यापक प्रचार अभियान के संकेत

रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2025 की शुरुआत में ईरान में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को बड़े पैमाने पर टेक्स्ट संदेश भेजे गए, जिनमें ट्रंप की हत्या के इनाम से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय अभियान का प्रचार किया गया था। ईरान इंटरनेशनल के साथ साझा किए गए स्क्रीनशॉट में इसकी पुष्टि का दावा किया गया है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब ईरान-अमेरिका संबंध अत्यंत तनावपूर्ण दौर में हैं और परमाणु वार्ता की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

आगे क्या होगा

यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित बिल ईरानी संसद में कब पेश किया जाएगा और क्या इसे बहुमत का समर्थन मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और पश्चिमी सरकारों की ओर से इस पर कड़ी प्रतिक्रिया अपेक्षित है। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान की आक्रामक होती विदेश नीति का नया अध्याय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बिल व्यावहारिक रूप से लागू न हों, फिर भी ये ईरान की विदेश नीति को और अधिक अलग-थलग करते हैं और परमाणु वार्ता की किसी भी संभावना को कमज़ोर करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आंतरिक दबाव से जूझ रहा है — ऐसे में यह कदम रणनीतिक कमज़ोरी की प्रतिक्रिया अधिक लगती है, सामर्थ्य का प्रदर्शन कम।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी संसद में ट्रंप की हत्या पर 50 मिलियन यूरो इनाम का प्रस्ताव क्या है?
यह 'काउंटर-एक्शन' नामक एक प्रस्तावित बिल है, जिसे ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने घोषित किया है। इसमें कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने वाले व्यक्ति या समूह को 50 मिलियन यूरो देने का प्रावधान है।
इब्राहिम अजीजी कौन हैं और उन्होंने यह बयान क्यों दिया?
इब्राहिम अजीजी ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह बयान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या में ट्रंप, नेतन्याहू और CENTCOM कमांडर की कथित भूमिका का हवाला देते हुए दिया।
'हंडाला' हैकिंग ग्रुप का इस मामले से क्या संबंध है?
ईरान वायर के अनुसार, हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' ने एक अलग बयान में दावा किया कि उसने ट्रंप और नेतन्याहू को 'खत्म करने' के लिए 50 मिलियन डॉलर आवंटित किए हैं। यह रकम किसी भी व्यक्ति या समूह को दिए जाने का दावा किया गया जो 'असल कार्रवाई' करे।
क्या यह बिल ईरानी संसद में पास हो सकता है?
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बिल संसद में कब पेश होगा और इसे बहुमत का समर्थन मिलेगा या नहीं। हालाँकि, इस तरह के प्रस्ताव का संसदीय स्तर पर आना ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ईरान-अमेरिका संबंधों पर क्या असर डालेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पहले से तनावपूर्ण ईरान-अमेरिका संबंधों को और बिगाड़ सकता है और परमाणु वार्ता की किसी भी संभावना को कमज़ोर कर सकता है। पश्चिमी सरकारों की ओर से इस पर कड़ी प्रतिक्रिया अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले