लाओस गुफा बचाव: 10 दिन बाद चार लोग रेंगकर निकले बाहर, 2 अब भी लापता
सारांश
मुख्य बातें
लाओस के जायसोम्बौन प्रांत की एक आंशिक रूप से जलमग्न गुफा में 10 दिनों से फंसे चार लोग 30 मई 2026 को शनिवार को सुरक्षित बाहर निकल आए — और वे खुद रेंगकर बाहर आए, बचाव दल के पहुँचने से पहले ही। इस बचाव के साथ अब तक कुल पाँच लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सात लोग 20 मई को जायसोम्बौन प्रांत के एक दूरदराज पहाड़ी क्षेत्र की गुफा में सोने की तलाश में गए थे। उसी दौरान भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ ने गुफा का निकास मार्ग बंद कर दिया और सभी सात लोग अंदर फंस गए।
बुधवार को बचावकर्मियों ने गुफा के मुहाने से लगभग 300 मीटर अंदर एक संकरे हिस्से में पाँच लोगों को जीवित खोज निकाला। शुक्रवार को पहले एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया, और शनिवार दोपहर 3:10 बजे चार अन्य लोग भी बाहर आ गए।
कैसे निकले बाहर
बचाव अभियान में शामिल मलेशियाई गोताखोर ली कियान ली ने बताया कि लगातार चल रहे पंपों की मदद से गुफा में पानी का स्तर काफी कम हो गया था, जिससे फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता खुल गया। उन्होंने कहा, 'पंप से पानी निकालने में तेजी आई और इससे गुफा में पानी का स्तर कम हो गया है, इसलिए वे खुद बाहर निकलने में सक्षम थे।'
लाओ पीपुल्स वॉलंटियर टीम के बचावकर्मी बौनखाम लुआंगलाथ ने बताया कि बचाव दल शनिवार सुबह गुफा में प्रवेश करने की तैयारी ही कर रहा था, तभी 'उनके पहुँचने से पहले ही, समूह खुद रेंगकर बाहर निकल आया।'
बचाव अभियान की चुनौतियाँ
यह बचाव अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। गुफा आंशिक रूप से जलमग्न थी और लगातार बारिश से स्थिति और जटिल होती जा रही थी। बचाव दल में लाओस के स्थानीय कर्मियों के साथ-साथ मलेशियाई गोताखोर भी शामिल थे, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रमाण है। गौरतलब है कि यह स्थिति 2018 के थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा बचाव की याद दिलाती है, जब 12 बच्चों और उनके कोच को 18 दिनों बाद सुरक्षित निकाला गया था।
अब भी जारी है तलाश
थाई डाइविंग एसोसिएशन के अनुसार, अब तक पाँच लोग सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। बचाव दल अभी भी दो लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियाँ समन्वय के साथ अभियान जारी रखे हुए हैं और जब तक लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान रोका नहीं जाएगा।