लेबनान में यूएनआईएफआईएल के मुख्यालय पर इजरायल का हमला, एक इंडोनेशियाई शांति सैनिक की मौत

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लेबनान में यूएनआईएफआईएल के मुख्यालय पर इजरायल का हमला, एक इंडोनेशियाई शांति सैनिक की मौत

सारांश

लेबनान में यूएनआईएफआईएल के मुख्यालय पर इजरायल द्वारा की गई गोलाबारी में एक इंडोनेशियाई शांतिसैनिक की जान चली गई। इंडोनेशिया ने इस घटना की पारदर्शी जांच की मांग की है। जानें इस हमले के प्रभाव और यूएनआईएफआईएल की प्रतिक्रिया के बारे में।

Key Takeaways

  • लेबनान में गोलाबारी ने एक इंडोनेशियाई शांति सैनिक की जान ले ली।
  • इंडोनेशिया ने पारदर्शिता से जांच की मांग की।
  • यूएनआईएफआईएल ने शांति के लिए किसी की जान गंवाने की निंदा की।
  • यह हमला लेबनान-इजरायल सीमा पर बढ़ते तनाव का संकेत है।
  • इंडोनेशिया ने सभी पक्षों से बातचीत की अपील की।

जकार्ता/बेरूत, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान के दक्षिणी गांव अदशित अल-कुसैर में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के सहयोगी इंडोनेशियाई यूनिट के मुख्यालय पर इजरायल द्वारा की गई गोलाबारी में एक इंडोनेशियाई शांतिसैनिक की जान चली गई। इस घटना की जांच के लिए इंडोनेशिया ने पारदर्शिता से जांच की मांग की है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, रविवार (स्थानीय समय) को प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएनआईएफआईएल के कुछ सदस्य घायल हुए हैं। गोलाबारी के बाद यूएनआईएफआईएल के हेलीकॉप्टरों को घटनास्थल की ओर जाते हुए देखा गया।

यह हमला लेबनान-इजरायल सीमा पर बढ़ते तनाव और लगातार गोलीबारी के बीच हुआ है।

यूएनआईएफआईएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी करते हुए कहा, "कल रात अदचित अल कुसैर के पास यूएनआईएफआईएल के एक स्थान पर एक प्रोजेक्टाइल फटने से एक शांतिसैनिक की दुखद मौत हो गई। एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। शांति के लिए काम करते हुए किसी को भी अपनी जान नहीं गंवानी चाहिए।"

बयान में आगे कहा गया, "हम सभी लोगों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और हमेशा यूएन के कर्मचारियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हैं, जिसमें ऐसे कार्यों से बचना भी शामिल है जो शांतिसैनिकों को खतरे में डाल सकते हैं।"

बयान में कहा गया, "जानबूझकर शांतिसैनिकों पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन हैं और ये युद्ध अपराध हो सकते हैं। इस संघर्ष में ब्लू लाइन के दोनों तरफ कई जानें गई हैं। इसका कोई सैन्य हल नहीं है। हिंसा का अंत होना चाहिए।"

इंडोनेशिया ने पुष्टि की है कि अदचित अल कुसैर में उसके एक शांतिसैनिक की जान चली गई है और इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है।

इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "इंडोनेशिया गणराज्य की सरकार लेबनान में यूएनआईएफआईएल के साथ कार्यरत एक इंडोनेशियाई शांतिसैनिक की मौत और तीन अन्य के घायल होने पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती है।"

मंत्रालय ने कहा, "हमें इस नुकसान का बहुत दुख है। हम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए उनके समर्पण और सेवा के लिए शहीद शांतिसैनिक को पूरा सम्मान देते हैं। हमारी प्रार्थनाएं दुखी परिवार के साथ हैं, और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। इंडोनेशिया, यूएनआईएफआईएल के साथ मिलकर शहीद को शीघ्र वापस लाने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार दिलाने के लिए काम कर रहा है।"

इंडोनेशिया ने एक बार फिर दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने, आम नागरिकों और आधारभूत संरचना पर हमलों को रोकने, और आगे बढ़ने के लिए बातचीत और कूटनीति की ओर लौटने का आग्रह किया।

Point of View

तो यह न केवल उनकी सुरक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि वैश्विक शांति प्रयासों पर भी असर डालता है। सभी देशों को इस प्रकार की हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

लेबनान में यह हमला कब हुआ?
यह हमला 30 मार्च, 2023 को हुआ।
इस हमले में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हमले में एक इंडोनेशियाई शांतिसैनिक की मौत हुई और अन्य तीन घायल हुए।
इंडोनेशिया ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इंडोनेशिया ने पारदर्शिता के साथ जांच की मांग की है।
यूएनआईएफआईएल का क्या बयान था?
यूएनआईएफआईएल ने इस हमले की निंदा करते हुए शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
इस हमले के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
यह हमला लेबनान-इजरायल सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच हुआ है।
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