लेबनान में शांति सैनिक की मौत: यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताया गहरा शोक, हमलों को बताया वॉर क्राइम
सारांश
Key Takeaways
- कॉर्पोरल अनिसेट गिरार्डिन (31 वर्ष), फ्रांसीसी शांति सैनिक, बुधवार को पेरिस के अस्पताल में चोटों के कारण दम तोड़ गए।
- शनिवार को दक्षिणी लेबनान में सड़क साफ करने के अभियान के दौरान यूएनआईएफआईएल की टीम पर हमला हुआ था।
- यूएन महासचिव गुटेरेस ने हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन और वॉर क्राइम बताया।
- संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले के लिए हिजबुल्लाह को प्रारंभिक रूप से जिम्मेदार माना है।
- गुटेरेस ने इजरायल-लेबनान सीजफायर और सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 के पालन की अपील की।
- एक अन्य घायल फ्रांसीसी सैनिक अभी भी पेरिस में मेडिकल केयर में है।
लेबनान, 23 अप्रैल — लेबनान में तैनात यूएनआईएफआईएल (संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल) के एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की हमले में लगी चोटों के कारण मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और शांति सैनिकों पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए इसे वॉर क्राइम की श्रेणी में रखा है।
कौन थे मृत सैनिक और क्या हुआ था?
यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को बताया कि मृत सैनिक की पहचान 31 वर्षीय कॉर्पोरल अनिसेट गिरार्डिन के रूप में हुई है, जो एक स्पेशलिस्ट डॉग हैंडलर थे। शनिवार को दक्षिणी लेबनान में सड़क साफ करने के अभियान के दौरान यूएनआईएफआईएल की फ्रांसीसी टुकड़ी के साथ काम कर रही विस्फोटक ऑर्डनेंस डिस्पोजल टीम पर हमला हुआ था।
गिरार्डिन इस हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे और बुधवार को पेरिस के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। यह कार्रवाई यूएनआईएफआईएल के अलग-थलग पड़े ठिकानों तक दोबारा पहुंच बहाल करने के प्रयास के तहत की जा रही थी। गिरार्डिन इस एक ही घटना में जान गंवाने वाले दूसरे सैनिक थे।
गुटेरेस की प्रतिक्रिया और यूएन का रुख
स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को जारी बयान में स्पष्ट कहा कि शांति सैनिकों पर हमले तत्काल बंद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं और इन्हें युद्ध अपराध (वॉर क्राइम) माना जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र ने मांग की कि शांति सैनिकों पर हुए सभी हमलों की तत्काल जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी तरीके से मुकदमा चलाया जाए। महासचिव गुटेरेस ने इस घटना की जांच के प्रति लेबनानी अधिकारियों की प्रतिबद्धता का स्वागत किया।
सीजफायर और कूटनीतिक प्रयास
गुटेरेस ने सभी पक्षों से गुरुवार को घोषित इजरायल-लेबनान सीजफायर का पूर्ण सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दुश्मनी खत्म करने और सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू करने की दिशा में कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह प्रस्ताव मूल रूप से हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच 2006 के लेबनान युद्ध को सुलझाने के लिए लाया गया था। यूएन का प्रारंभिक आकलन था कि शांति सैनिकों पर यह हमला नॉन-स्टेट हथियारबंद समूह हिजबुल्लाह द्वारा किया गया था।
अन्य घायल सैनिकों की स्थिति
इसी हमले में घायल हुए एक अन्य फ्रांसीसी सैनिक को गंभीर हालत में मंगलवार को पेरिस भेजा गया, जहां वह अभी भी मेडिकल केयर में है। एक चौथे शांति सैनिक को मामूली चोटें आईं थीं और वह दक्षिणी लेबनान में अपनी यूनिट के साथ अपनी पोस्ट पर वापस लौट आया है।
महासचिव गुटेरेस ने मृत सैनिक के परिवार, मित्रों, सहकर्मियों तथा फ्रांस की सरकार और जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र इस घटना की जांच रिपोर्ट और इजरायल-लेबनान सीजफायर के अनुपालन पर कड़ी नजर रखेगा। शांति सैनिकों की सुरक्षा और यूएनआईएफआईएल के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बहस तेज होने की संभावना है।