लेबनान में यूएन शांतिसैनिकों पर हमले की इजरायल की कड़ी निंदा करते हुए फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने उठाई आवाज

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लेबनान में यूएन शांतिसैनिकों पर हमले की इजरायल की कड़ी निंदा करते हुए फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने उठाई आवाज

सारांश

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने लेबनान में यूएन शांति सेना पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इजरायल के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

Key Takeaways

  • फ्रांस के विदेश मंत्री ने इजरायल की कड़ी निंदा की।
  • लेबनान के नकौरा क्षेत्र में यूएन शांतिसैनिकों पर हमले की घटना घटी।
  • इजरायली सैनिकों द्वारा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया।
  • बारो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की।
  • इन घटनाओं से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

पेरिस, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने इजरायल की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि लेबनान के नकौरा क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (यूएनआईएफआईएल) के साथ “गंभीर घटनाएं” घटित हुई हैं।

बारो ने कहा कि इजरायली सैनिकों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों के साथ सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना और उन्हें डराना-धमकाना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का भी उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर फ्रांस ने पेरिस में मौजूद इजरायल के राजदूत के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, बारो ने रविवार को हुई गोलीबारी को भी “कड़े से कड़े शब्दों में” निंदा की जिसमें इंडोनेशिया के एक शांति सैनिक की मृत्यु हो गई और तीन अन्य घायल हुए। इसके अतिरिक्त, सोमवार को हुए एक बम विस्फोट में दो इंडोनेशियाई शांति सैनिकों की जान गई और दो अन्य घायल हुए। उन्होंने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताया।

इन घटनाओं के बाद बारो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।

उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सम्मान करें और संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यूएनआईएफआईएल को अपना कार्य पूरा करने और बिना किसी रुकावट के आवाजाही की अनुमति दी जानी चाहिए।

हालांकि यूएनआईएफआईएल ने अभी तक हमले के स्रोत के रूप में सीधे इज़राइल का नाम नहीं लिया है और जांच प्रारंभ कर दी गई है। लेकिन लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी और स्थानीय मीडिया के अनुसार, रविवार को इज़राइल की तोपों से दागे गए गोले यूएनआईएफआईएल में तैनात इंडोनेशियाई दल के मुख्यालय पर गिरे थे।

सोमवार को इंडोनेशिया ने इन घटनाओं में अपने सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की और दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई की निंदा दोहराई। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इन घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन हैं।

गौरतलब है कि 2 मार्च से लेबनान और इजरायल की सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है। इस दिन हिज़्बुल्लाह ने 27 नवंबर 2024 के संघर्ष विराम के बाद पहली बार इजरायल पर रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में इजरायल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए।

Point of View

बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी चिंता का विषय है।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

यूएनआईएफआईएल क्या है?
यूएनआईएफआईएल, संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना है, जिसका गठन लेबनान में शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए किया गया है।
फ्रांस के विदेश मंत्री ने इजरायल की आलोचना क्यों की?
उन्होंने लेबनान में यूएन शांतिसैनिकों पर हमले के मामले में इजरायल के सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और धमकाने के प्रयासों की कड़ी निंदा की।
क्या इन घटनाओं का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हो सकता है?
हाँ, इन घटनाओं से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चिंताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
क्या इजरायल ने इस हमले के लिए जिम्मेदारी ली है?
नहीं, यूएनआईएफआईएल ने अभी तक हमले के स्रोत के रूप में सीधे इजरायल का नाम नहीं लिया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिक्रिया क्या है?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन घटनाओं की कड़ी आलोचना की है और इनको अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है।
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