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भारत ने लेबनान में फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हमले की कड़ी निंदा की

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भारत ने लेबनान में फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हमले की कड़ी निंदा की

सारांश

भारत ने लेबनान में फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। जानें इस घटना के पीछे के कारण और भारत की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

भारत ने लेबनान में फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हमले की कड़ी निंदा की।
इस हमले में एक सैनिक की मौत हुई और तीन अन्य घायल हुए।
भारत ने लेबनान सरकार से तुरंत जांच करने की मांग की है।
हिज़्बुल्लाह पर हमले के पीछे होने का आरोप है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सैनिकों की सुरक्षा बनाए रखने की अपील की गई।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने शनिवार को दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूनिफिल) के अंतर्गत तैनात फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और इस घटना की जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।

इस हमले के दौरान एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। इसकी पुष्टि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, “हम आज यूनिफिल में तैनात फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हम शहीद ‘ब्लू हेलमेट’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और घायल तीन अन्य शांति सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

बयान में आगे कहा गया, “भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 (शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों की जवाबदेही) को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम लेबनान सरकार से अपील करते हैं कि इस हमले की तुरंत जांच की जाए, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए और इस अपराध के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।”

भारत ने संयुक्त राष्ट्र परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा व पवित्रता बनाए रखने के महत्व को भी दोहराया और सभी पक्षों से अपील की कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश के तहत तैनात शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

राष्ट्रपति मैक्रों के अनुसार, मृतक सैनिक 17वीं पैराशूट इंजीनियर रेजिमेंट से जुड़े थे और घायल तीनों सैनिकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्र हमारे सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है और उनके परिवारों तथा लेबनान में शांति के लिए कार्य कर रहे सभी सैन्यकर्मियों के साथ खड़ा है।”

मैक्रों ने यह भी कहा कि प्रारंभिक संकेतों से लगता है कि इस हमले के पीछे हिज़्बुल्लाह का हाथ है। उन्होंने लेबनानी अधिकारियों से तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार करने और अपनी जिम्मेदारी निभाने की मांग की।

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूनिफिल) के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब एक गश्ती दल घनदूरिया गांव में सड़क किनारे पड़े विस्फोटकों को हटाने का काम कर रहा था, ताकि अलग-थलग पड़े यूनिफिल ठिकानों के साथ संपर्क बहाल किया जा सके।

संयुक्त राष्ट्र बल ने बताया कि इसी दौरान गैर-राज्य तत्वों ने छोटे हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा क्यों की?
भारत ने शांति सैनिकों पर हमले को गंभीर अपराध मानते हुए इसकी कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
हमले में कितने सैनिक प्रभावित हुए?
इस हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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