पाकिस्तानी मिसाइल हमले में अफगानिस्तान के 7 लोगों की मौत, 75 से अधिक घायल; यूनिवर्सिटी परिसर भी निशाने पर
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान की मिसाइलों और मोर्टार से अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 28 अप्रैल को 7 लोगों की मौत, 75 से अधिक घायल।
- हमले असादाबाद और सरकानो जिले में किए गए; रिहायशी इलाके और सैयद जमालुद्दीन अफगान यूनिवर्सिटी निशाने पर।
- यूनिवर्सिटी हमले में अकेले 30 छात्र और कर्मचारी घायल, परिसर को भारी नुकसान।
- अफगान उच्च शिक्षा मंत्रालय ने हमले को
पाकिस्तान की ओर से 28 अप्रैल को अफगानिस्तान के कुनार प्रांत पर दागी गई मिसाइलों और मोर्टार के हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और 75 से अधिक घायल हुए हैं। अफगान समाचार एजेंसी खामा प्रेस के अनुसार, हमले असादाबाद (कुनार की राजधानी) और सरकानो जिले में किए गए, और हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हमले का विवरण और प्रभावित क्षेत्र
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस हमले में रिहायशी इलाकों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगान यूनिवर्सिटी के परिसर को भी निशाना बनाया गया। यूनिवर्सिटी पर मोर्टार के गोले दागे गए, जिससे इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा और छात्रों तथा कर्मचारियों में दहशत फैल गई। प्रभावित इलाकों से भारी धमाकों की आवाजें सुनी गईं और काला घना धुआँ उठता देखा गया।
असादाबाद सरकारी अस्पताल के अधिकारियों के हवाले से खामा प्रेस ने बताया कि महिलाओं और बच्चों सहित कई घायलों को इलाज के लिए लाया गया, जबकि आपातकालीन टीमें राहत कार्य में जुटी रहीं। अधिकारियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी पर हुए हमले में अकेले 30 छात्र और कर्मचारी घायल हुए हैं।
नागरिकों में दहशत, घर छोड़ने पर मजबूर
खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इलाके के कई लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा। उन्हें ड्रोन, विमान और रॉकेट हमलों की आशंका सता रही थी। यूनिवर्सिटी परिसर और आस-पास के मोहल्लों में बनी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
अफगान उच्च शिक्षा मंत्रालय की कड़ी निंदा
अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को सैयद जमालुद्दीन अफगान यूनिवर्सिटी पर हुए मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में कई छात्र और प्रोफेसर घायल हुए हैं और यूनिवर्सिटी के बुनियादी ढाँचे को भी भारी नुकसान पहुँचा है।
मंत्रालय ने हमले के बाद जारी एक बयान में इस कृत्य को