27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लंदन हाईकोर्ट ने नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण याचिका को किया खारिज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लंदन हाईकोर्ट ने नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण याचिका को किया खारिज

सारांश

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। अदालत ने उनके भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उनकी कानूनी लड़ाई और कठिन होती नजर आ रही है।

मुख्य बातें

नीरव मोदी की याचिका लंदन हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई।
मामला पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है।
सीबीआई ने उनके दावों का खंडन किया।
भंडारी मामले का हवाला देकर याचिका दायर की गई थी।
उन्हें जनवरी 2018 में भारत छोड़कर भागने का आरोप है।

नई दिल्ली/लंदन, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब लंदन के हाईकोर्ट की किंग्स बेंच डिवीजन ने उनके भारत में प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया।

इस मामले की सुनवाई क्राउन अभियोजन सेवा के वकील द्वारा की गई, जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक विशेष टीम ने सहायता प्रदान की। इस टीम में वे जांच अधिकारी भी शामिल थे, जो सुनवाई में सहयोग के लिए लंदन आए थे।

मामला फिर से खोलने के लिए आवेदन भंडारी के मामले में ब्रिटेन के एक हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के आधार पर दायर किया गया था।

भंडारी ने तर्क दिया था कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो उन्हें यातना का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद अदालत ने मानवीय आधार पर उनके प्रत्यर्पण को अस्वीकार कर दिया।

इसी मिसाल का हवाला देते हुए नीरव मोदी ने भी तर्क दिया कि यदि उन्हें भारत भेजा गया, तो उन्हें भी यातना का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, सीबीआई के अधिकारियों ने इस दावे का खंडन करते हुए तर्क प्रस्तुत किए।

ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि नीरव मोदी द्वारा दायर याचिका आवश्यक असाधारण परिस्थितियों की कसौटी पर खरी नहीं उतरती। न्यायालय ने कहा कि प्रस्तुत आधार पर्याप्त नहीं थे और इसलिए पूर्व के निर्णय पर पुनर्विचार करना उचित नहीं होगा।

नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में वांछित है, जिसमें उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने राज्य द्वारा संचालित ऋणदाता के नाम पर जारी की गई फर्जी गारंटी का उपयोग करके विदेशी ऋण प्राप्त किया।

सीबीआई द्वारा घोटाले की जांच शुरू होने से पहले, वह जनवरी 2018 में भारत छोड़कर चले गए थे।

2019 में यूनाइटेड किंगडम में उनकी गिरफ्तारी के बाद, ब्रिटिश अदालतों ने भारत में उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। अदालतों ने मामले पर विचार करते हुए भारत में उनके साथ होने वाले व्यवहार के संबंध में दिए गए आश्वासनों को स्वीकार किया और उनके प्रत्यर्पण में कोई कानूनी बाधा नहीं पाई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी पिछली अपीलें खारिज कर दी गईं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह सुनिश्चित करता है कि भगोड़े अपराधियों को उनके अपराधों का सामना करना पड़े।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीरव मोदी क्यों वांछित हैं?
नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित हैं, जिसमें उन पर फर्जी गारंटी का उपयोग करके विदेशी ऋण प्राप्त करने का आरोप है।
लंदन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को क्यों खारिज किया?
हाईकोर्ट ने पाया कि नीरव मोदी की याचिका में आवश्यक असाधारण परिस्थितियों की कमी थी।
क्या नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा?
अभी के लिए, लंदन हाईकोर्ट के निर्णय के बाद उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अधिक कठिन हो गई है।
नीरव मोदी कब भारत से भागे थे?
नीरव मोदी जनवरी 2018 में भारत छोड़कर चले गए थे।
इस मामले में अगला कदम क्या होगा?
नीरव मोदी की कानूनी टीम संभवतः और अपील करने का प्रयास कर सकती है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले