लंदन हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की प्रत्यर्पण याचिका को खारिज किया

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लंदन हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की प्रत्यर्पण याचिका को खारिज किया

सारांश

नीरव मोदी की प्रत्यर्पण याचिका को लंदन के हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुनः सुनवाई के लिए याचिका असाधारण नहीं है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • लंदन हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की पुनः सुनवाई की याचिका खारिज की।
  • सीबीआई का प्रयास सफल रहा, कोर्ट ने असाधारण स्थिति नहीं पाई।
  • नीरव मोदी, पीएनबी घोटाले में आरोपी हैं।
  • वह २०१९ से यूके की जेल में हैं।
  • भंडारी फैसले का संदर्भ याचिका में दिया गया था।

नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लंदन के हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन ने नीरव मोदी की, यूके की अदालतों द्वारा जारी किए गए प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ पुनः सुनवाई की याचिका को खारिज कर दिया।

क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने इस मामले में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए, जिसमें उन्हें सीबीआई की एक विशेष टीम का सहयोग मिला; इस टीम में वे जांच अधिकारी शामिल थे जो विशेष रूप से सुनवाई के लिए लंदन गए थे। पुनः सुनवाई की यह याचिका 'भंडारी फैसले' के आधार पर दायर की गई थी; हालांकि, सीबीआई के लगातार प्रयासों के चलते, इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया गया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि पुनः सुनवाई की याचिका और इसके अंतर्गत आने वाली परिस्थितियाँ इतनी असाधारण नहीं हैं कि इस मामले को फिर से खोला जाए।

सीबीआई, सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले (पीएनबी घोटाला) के सिलसिले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, और यह कानूनी प्रक्रिया २०१८ से चल रही है। २०१९ में यूके में गिरफ्तारी के बाद, अदालतों ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी और उनकी पूर्व अपीलों को खारिज कर दिया गया था; अदालतों ने यह पाया कि प्रत्यर्पण में कोई कानूनी अड़चन नहीं है और भारत में उनके साथ होने वाले बर्ताव पर दिए गए आश्वासनों को स्वीकार कर लिया था। हालाँकि, एक अस्थायी कानूनी बाधा के कारण इस प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई थी, लेकिन अगस्त २०२५ में उस बाधा को भी समाप्त कर दिया गया।

नीरव मोदी ने अपनी अपील को फिर से खोलने के लिए याचिका प्रस्तुत की थी, जिसमें उसने संभावित दुर्व्यवहार (जिसका आधार 'भंडारी फैसला' था) के संबंध में चिंता व्यक्त की थी, और यह सवाल उठाया था कि क्या भारतीय अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन उसके अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त हैं। वह १९ मार्च २०१९ से यूके की जेल में बंद हैं।

नीरव मोदी एक 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' है, जिसकी भारत में सीबीआई द्वारा दर्ज बैंक धोखाधड़ी के मामले में सुनवाई के लिए तलाश की जा रही है; इस मामले में उसने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ ६४९८.२० करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी।

Point of View

NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

नीरव मोदी कौन हैं?
नीरव मोदी एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी हैं, जो भारत में सीबीआई द्वारा दर्ज बैंक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हैं।
लंदन हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की याचिका को क्यों खारिज किया?
कोर्ट ने कहा कि पुनः सुनवाई की याचिका और इसके अंतर्गत आने वाली परिस्थितियाँ असाधारण नहीं हैं।
सीबीआई नीरव मोदी के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है?
सीबीआई नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, जो पीएनबी घोटाले से संबंधित है।
नीरव मोदी कब से यूके की जेल में हैं?
नीरव मोदी १९ मार्च २०१९ से यूके की जेल में बंद हैं।
भंडारी फैसला क्या है?
भंडारी फैसला एक कानूनी निर्णय है, जिसका उल्लेख नीरव मोदी ने अपनी याचिका में किया था।
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