30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम मोदी दिसंबर में ब्रसेल्स जाएंगे, भारत ईयू एफटीए पर होंगे ऐतिहासिक हस्ताक्षर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम मोदी दिसंबर में ब्रसेल्स जाएंगे, भारत ईयू एफटीए पर होंगे ऐतिहासिक हस्ताक्षर

सारांश

दशकों की कोशिशों के बाद भारत EU एफटीए अब हस्ताक्षर की दहलीज़ पर है। दिसंबर में ब्रसेल्स में पीएम मोदी की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक समझौता होगा, जो 2 अरब से ज़्यादा लोगों और वैश्विक GDP के 25% को एक साझा व्यापार ढाँचे में जोड़ेगा।

मुख्य बातें

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने 30 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि पीएम मोदी दिसंबर में ब्रसेल्स में भारत EU एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे।
यह दौरा 17 दिसंबर से शुरू होने वाली यूरोपीय नेताओं की बैठक से पहले होने की संभावना है।
वित्त वर्ष 2024 25 में भारत EU वस्तु व्यापार 136.54 अरब डॉलर (करीब ₹11.5 लाख करोड़ ); सेवाओं में 83.10 अरब डॉलर (करीब ₹7.2 लाख करोड़ )।
भारत को 99% से अधिक वस्तुओं पर यूरोपीय बाज़ार में अभूतपूर्व पहुँच मिलने की उम्मीद।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार हस्ताक्षर के 4 5 महीने के भीतर समझौता लागू हो सकता है।
समझौता 2 अरब से अधिक लोगों और वैश्विक GDP के लगभग 25% को कवर करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में ब्रसेल्स का दौरा करेंगे, जहाँ भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने 30 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। यह समझौता दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को एक साझा व्यापार ढाँचे में बाँधने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

कोस्टा की घोषणा और दौरे की रूपरेखा

कनाडा के मॉन्ट्रियल में मॉन्ट्रियल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कोस्टा ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए आएंगे।" रिपोर्टों के अनुसार, यह दौरा 17 दिसंबर से ब्रसेल्स में शुरू होने वाली यूरोपीय नेताओं की बैठक से ठीक पहले होने की संभावना है। भारत और यूरोपीय संघ ने इस वर्ष की शुरुआत में एफटीए वार्ता सफलतापूर्वक पूरी कर ली थी।

समझौते की आर्थिक विशालता

यह समझौता 2 अरब से अधिक लोगों को कवर करने वाला एक विशाल साझा बाज़ार तैयार करेगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा प्रतिनिधित्व करता है। वित्त वर्ष 2024 25 में भारत और EU के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.54 अरब डॉलर (करीब ₹11.5 लाख करोड़) रहा — जिसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर दर्ज हुआ। सेवाओं के क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार 83.10 अरब डॉलर (करीब ₹7.2 लाख करोड़) तक पहुँचा।

गौरतलब है कि यूरोपीय संघ पहले से ही भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। एफटीए के लागू होने पर भारत को व्यापार मूल्य के आधार पर 99 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं के लिए यूरोपीय बाज़ार में अभूतपूर्व पहुँच मिलने की उम्मीद है।

मंत्री गोयल का बयान और क्रियान्वयन की समयसीमा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह कहा था कि हस्ताक्षर के चार से पाँच महीने के भीतर इस समझौते को लागू किया जा सकता है। उनके अनुसार यह भारत और यूरोप दोनों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार परिदृश्य में अनिश्चितता बढ़ रही है और भारत अपने निर्यात बाज़ारों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है। एफटीए 'मेक इन इंडिया' पहल को भी मज़बूती देगा, क्योंकि यूरोपीय बाज़ार में कम शुल्क पर पहुँच भारतीय उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ पैदा करेगी।

रणनीतिक महत्व और व्यापक साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पहले ही भारत यात्रा के दौरान संयुक्त रूप से इस समझौते के सफल निष्कर्ष की घोषणा की थी। विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल एक पारंपरिक व्यापार समझौता नहीं है — यह खुले बाज़ार, नीतिगत स्थिरता और समावेशी विकास के साझा लक्ष्यों पर आधारित एक व्यापक रणनीतिक आर्थिक साझेदारी है।

वस्तुओं के अलावा सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण अवसर खुलेंगे। एक व्यापक मोबिलिटी फ्रेमवर्क के ज़रिए भारतीय पेशेवरों की यूरोप में आवाजाही को अधिक सुगम बनाए जाने की भी उम्मीद है।

आगे की राह

दिसंबर में हस्ताक्षर के बाद दोनों पक्षों की संसदों और विधायी निकायों द्वारा अनुसमर्थन (ratification) की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि समयसीमा के अनुसार सब कुछ चला तो 2027 के मध्य तक समझौता प्रभावी हो सकता है। यह भारत EU संबंधों को एक नई धुरी पर स्थापित करेगा जो आने वाले दशकों में द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा अनुसमर्थन और क्रियान्वयन की होगी। EU की संसदीय प्रक्रिया जटिल है और सदस्य देशों के भीतर कृषि व श्रम मानकों को लेकर असहमति की संभावना बनी रहती है। भारत की ओर से 'मेक इन इंडिया' को मिलने वाला बाज़ार लाभ तभी सार्थक होगा जब घरेलू विनिर्माण क्षमता उस माँग को पूरा करने के लिए तैयार हो — जो अभी एक बड़ा सवाल है। मोबिलिटी फ्रेमवर्क पर तकनीकी विशेषज्ञों की उम्मीदें बँधी हैं, लेकिन यूरोप में बढ़ती आव्रजन विरोधी राजनीति इस पहलू को सबसे अधिक अनिश्चित बनाती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत EU मुक्त व्यापार समझौता क्या है और यह कब होगा?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक व्यापक आर्थिक साझेदारी है, जिस पर दिसंबर 2026 में ब्रसेल्स में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान औपचारिक हस्ताक्षर होने की घोषणा की गई है। यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार शुल्क, सेवाओं और निवेश के नए द्वार खोलेगा।
भारत को इस एफटीए से क्या फायदा होगा?
इस समझौते के तहत भारत को व्यापार मूल्य के आधार पर 99 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर यूरोपीय बाज़ार में अभूतपूर्व पहुँच मिलने की उम्मीद है। साथ ही सेवा क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे और एक मोबिलिटी फ्रेमवर्क के ज़रिए भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में काम करना सुगम होगा।
समझौता कब से लागू होगा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार हस्ताक्षर के चार से पाँच महीने के भीतर समझौते को लागू किया जा सकता है। अनुसमर्थन प्रक्रिया पूरी होने पर यह 2027 के मध्य तक प्रभावी हो सकता है।
भारत और EU के बीच मौजूदा व्यापार कितना है?
वित्त वर्ष 2024 25 में भारत और EU के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.54 अरब डॉलर (करीब ₹11.5 लाख करोड़) रहा, जिसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था। सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 83.10 अरब डॉलर (करीब ₹7.2 लाख करोड़) रहा।
यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने यह घोषणा कहाँ की?
एंटोनियो कोस्टा ने यह घोषणा कनाडा के मॉन्ट्रियल में मॉन्ट्रियल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 30 अक्टूबर 2026 को की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पीएम मोदी दिसंबर में ब्रसेल्स आकर इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले