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पीएम मोदी ने रोम में इतालवी राष्ट्रपति मत्तारेला से की मुलाकात, भारत-इटली साझेदारी को नई दिशा

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पीएम मोदी ने रोम में इतालवी राष्ट्रपति मत्तारेला से की मुलाकात, भारत-इटली साझेदारी को नई दिशा

सारांश

पीएम मोदी की रोम यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — राष्ट्रपति मत्तारेला और पीएम मेलोनी के साथ बैठकों में AI, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों पर सहयोग की रूपरेखा तय हुई, जो भारत-इटली संबंधों को एक नई रणनीतिक दिशा देती है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई 2026 को रोम में इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से औपचारिक मुलाकात की।
बैठक में व्यापार, AI, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा हुई।
जयशंकर , NSA अजित डोवल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
एक दिन पहले पीएम मोदी ने पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ डिनर किया और कोलोसियम का दौरा किया।
दोनों देशों ने भारत-इटली की दीर्घकालिक और मजबूत साझेदारी की पुष्टि की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई 2026 को रोम में इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से औपचारिक मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने पर सहमति जताई। बैठक में व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सांस्कृतिक सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुआ

मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मत्तारेला ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से परिचय हुआ। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बैठक के बाद कहा, 'दोनों नेताओं ने भारत-इटली की मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी की पुष्टि की और व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, AI और संस्कृति समेत विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा की। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी विचार साझा किए।'

सहयोग के नए क्षेत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, 'मैंने रोम में राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मुलाकात की। हमने भारत और इटली के बीच मित्रता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिनमें व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि AI, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्र दोनों देशों के लिए सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को विविध बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

मेलोनी के साथ डिनर और कोलोसियम दौरा

इससे एक दिन पहले, मंगलवार 19 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा आयोजित डिनर में भाग लिया। दोनों नेताओं ने रोम के विश्वप्रसिद्ध कोलोसियम का भी दौरा किया। मोदी ने लिखा, 'रोम पहुंचने पर, प्रधानमंत्री मेलोनी से डिनर पर मुलाकात का अवसर मिला, इसके बाद कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।'

मेलोनी ने एक्स पर लिखा, 'वेलकम टू रोम, माय फ्रेंड!' — जो दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सौहार्द का प्रतीक रहा। गौरतलब है कि मेलोनी और मोदी G7 और G20 मंचों पर पहले भी कई बार मिल चुके हैं।

भारत-इटली संबंधों का संदर्भ

भारत और इटली के बीच यह उच्च-स्तरीय संवाद ऐसे समय में हो रहा है जब यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक भागीदारी तेज़ी से गहरी हो रही है। दोनों देश यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते की प्रगति की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने की कोशिश में हैं। क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा पर सहयोग की बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देश अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविध बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं।

आगे की राह

यह दौरा भारत-इटली संबंधों में एक नई गति का संकेत देता है। दोनों पक्षों ने तकनीकी और आर्थिक सहयोग के ठोस ढाँचे को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, AI और अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाएँ इस साझेदारी को भविष्य में और व्यावहारिक रूप दे सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्रिटिकल मिनरल्स और परमाणु ऊर्जा का उल्लेख संकेत देता है कि भारत यूरोप के साथ अपनी साझेदारी को पारंपरिक व्यापार से आगे ले जाना चाहता है। हालाँकि, इन क्षेत्रों में ठोस समझौतों और समयसीमाओं का अभाव अभी भी बना हुआ है — बयानबाज़ी और क्रियान्वयन के बीच की खाई पाटना असली चुनौती होगी। यह यात्रा G7 और EU-India FTA वार्ताओं की पृष्ठभूमि में हो रही है, जो इसे महज़ द्विपक्षीय नहीं बल्कि बहुपक्षीय रणनीतिक संदर्भ देती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी और इतालवी राष्ट्रपति मत्तारेला की बैठक में क्या हुआ?
20 मई 2026 को रोम में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-इटली की दीर्घकालिक साझेदारी की पुष्टि की। व्यापार, निवेश, AI, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सांस्कृतिक संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई।
पीएम मोदी की इटली यात्रा में किन क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया?
दोनों देशों ने AI, क्रिटिकल मिनरल्स, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा को भविष्य के सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया। पारंपरिक व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने पर सहमति बनी।
मोदी और इतालवी पीएम मेलोनी के बीच क्या हुआ?
19 मई को पीएम मेलोनी ने पीएम मोदी के सम्मान में डिनर आयोजित किया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने कोलोसियम का दौरा किया। मेलोनी ने एक्स पर लिखा, 'वेलकम टू रोम, माय फ्रेंड!'
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रोम में कौन-कौन शामिल थे?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
भारत-इटली साझेदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
इटली G7 का सदस्य और यूरोपीय संघ की प्रमुख अर्थव्यवस्था है। यह साझेदारी भारत को यूरोप के साथ तकनीकी, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के नए द्वार खोलती है, खासकर EU-India FTA वार्ताओं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन के संदर्भ में।
राष्ट्र प्रेस
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