11 जुलाई 2026
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PM मोदी का तीन देशों का दौरा सफल: इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में व्यापार-सुरक्षा समझौते

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PM मोदी का तीन देशों का दौरा सफल: इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में व्यापार-सुरक्षा समझौते

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का तीन-देशीय दौरा रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी में ठोस समझौतों के साथ संपन्न हुआ। ऑकलैंड में 10,000 भारतीयों को संबोधन और FTA पर जोर ने इस यात्रा को भारत की इंडो-पैसिफिक कूटनीति का एक निर्णायक अध्याय बना दिया।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 11 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि PM मोदी का तीन-देशीय दौरा व्यापार, सुरक्षा और शिक्षा में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ।
ऑकलैंड में PM क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डेयरी, खेल, पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में MOU पर हस्ताक्षर हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड FTA को आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा लाने वाला कदम बताया।
'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम में लगभग 10,000 भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया गया; PM लक्सन विशेष अतिथि रहे।
PM लक्सन ने ऑकलैंड एयरपोर्ट तक मोदी को विदा कर विशेष सम्मान का प्रदर्शन किया, जिसे MEA ने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक बताया।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 11 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का तीन-देशीय दौरा व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा, नवाचार और जन-संपर्क के क्षेत्रों में ठोस उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। यह दौरा भारत की इंडो-पैसिफिक कूटनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

न्यूजीलैंड में द्विपक्षीय वार्ता और समझौते

दौरे के अंतिम पड़ाव में प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार देर रात ऑकलैंड पहुँचे। शनिवार को गवर्नमेंट हाउस में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता हुई। आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक माओरी स्वागत किया गया — जो शांति, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक है — और इसके बाद उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों पर चर्चा हुई। वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी और समुद्री अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MOU) और अन्य सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया।

एफटीए और आर्थिक साझेदारी पर जोर

दोनों प्रधानमंत्रियों ने देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारियों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, विविधता और सतत विकास के साझा संकल्प से जुड़े हैं, जो भविष्य की मजबूत आर्थिक साझेदारी का आधार है।

उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा और गहराई लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार इससे बाज़ार तक पहुँच, निवेश, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के आदान-प्रदान के नए अवसर खुलेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका विस्तारित करने की कोशिश कर रहा है।

गाला लंच और खेल कूटनीति

दोनों नेताओं ने 'इंडिया-न्यूजीलैंड: ए विनिंग पार्टनरशिप' थीम पर आयोजित विशेष गाला लंच में भाग लिया, जिसमें राजनीति, उद्योग, व्यापार, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, खेल और कला जगत की प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। इसके बाद दोनों नेताओं ने आधुनिक खेल उपकरणों का अवलोकन किया और न्यूजीलैंड के पदक विजेता खिलाड़ियों तथा हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों से बातचीत की।

भारतीय समुदाय से संवाद

दौरे के अंतिम कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने 'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम में न्यूजीलैंड में बसे लगभग 10,000 भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री लक्सन भी विशेष अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

मोदी ने कहा, 'न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय हमारी दोस्ती की सबसे मजबूत कड़ी है। ऑकलैंड में उन्हें संबोधित करना यादगार अनुभव रहा।' उन्होंने माओरी परंपरा के 'वाका' (नाव) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक नाव नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा यात्रा और साझेदारी का प्रतीक है। विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री लक्सन द्वारा मोदी को ऑकलैंड एयरपोर्ट तक विदा करने को दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक बताया।

तीन देशों के दौरे का समग्र महत्व

गौरतलब है कि यह दौरा भारत की बढ़ती इंडो-पैसिफिक उपस्थिति के संदर्भ में अहम है। इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के बाद न्यूजीलैंड की यात्रा ने यह स्पष्ट किया कि भारत अब दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से विस्तारित कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा से व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, शिक्षा, नवाचार और जन-संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिली है। आने वाले समय में इन समझौतों के क्रियान्वयन पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी MOU से आगे की राह है — यानी इन समझौतों का ज़मीनी क्रियान्वयन। भारत-न्यूजीलैंड FTA की बात वर्षों से होती रही है; इस बार इसे 'नई ऊर्जा' बताया गया है, पर समयसीमा और ढाँचे पर स्पष्टता अभी भी अपेक्षित है। इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती उपस्थिति रणनीतिक दृष्टि से सही दिशा में है, लेकिन इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड — तीनों के साथ घोषित सहयोग की प्राथमिकता और संसाधन-आवंटन पर सरकार को जवाब देना होगा। जन-कूटनीति और प्रवासी भारतीय जुड़ाव मज़बूत है, पर व्यापार घाटे और बाज़ार पहुँच की व्यावहारिक बाधाएँ FTA वार्ता को जटिल बनाती हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी के तीन देशों के दौरे में क्या-क्या हासिल हुआ?
विदेश मंत्रालय के अनुसार इस दौरे में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा, नवाचार और जन-संपर्क के क्षेत्रों में ठोस उपलब्धियाँ हासिल हुईं। इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड — तीनों देशों के साथ सहयोग को नई दिशा मिली और कई MOU पर सहमति बनी।
भारत-न्यूजीलैंड FTA क्या है और यह कब लागू होगा?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच बाज़ार पहुँच, निवेश, सेवाओं और प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान को सुगम बनाने की दिशा में एक प्रस्तावित कदम है। PM मोदी ने इसे आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा लाने वाला बताया, हालाँकि इसकी अंतिम समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ऑकलैंड में किन क्षेत्रों में MOU पर हस्ताक्षर हुए?
दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी और समुद्री अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में MOU और अन्य सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया।
'किया ओरा मोदी' कार्यक्रम क्या था?
'किया ओरा मोदी' ऑकलैंड में आयोजित वह कार्यक्रम था जिसमें PM मोदी ने न्यूजीलैंड में बसे लगभग 10,000 भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। न्यूजीलैंड के PM क्रिस्टोफर लक्सन भी इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस दौरे का इंडो-पैसिफिक रणनीति से क्या संबंध है?
इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड — तीनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख भागीदार हैं। यह दौरा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा उपस्थिति को मज़बूत करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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