रबी लामिछाने का जून में भारत दौरा संभव, PM मोदी और जयशंकर से मुलाकात की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने जून के पहले सप्ताह में नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है जब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और दोनों देशों के बीच हाल के हफ्तों में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर तनाव देखा गया है।
दौरे की संभावना और आधिकारिक स्थिति
आरएसपी के प्रवक्ता मनीष झा ने कहा कि लामिछाने जून के पहले सप्ताह में नई दिल्ली जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, "अभी इस पर औपचारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन अगले कुछ दिनों में इसकी घोषणा की जाएगी।" पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पार्टी के कई नेताओं ने बताया कि संगठन के भीतर इस पर अभी औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, परंतु पड़ोसी देश की यात्रा को स्वाभाविक राजनीतिक प्रक्रिया माना जाना चाहिए।
किन नेताओं से हो सकती है मुलाकात
'काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, लामिछाने की यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई वरिष्ठ नेताओं से हो सकती है।
भारत-नेपाल संबंधों में हालिया तनाव
यह प्रस्तावित दौरा उस पृष्ठभूमि में हो रहा है जब दोनों देशों के रिश्तों में कुछ खटास आई है। नेपाल ने मई की शुरुआत में भारत और चीन को विरोध पत्र भेजा था। यह विरोध उस घोषणा के संदर्भ में था जिसमें कहा गया था कि भारतीय श्रद्धालु विवादित लिपुलेख क्षेत्र के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा करेंगे। नेपाल और भारत दोनों लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा क्षेत्रों पर दावा करते हैं, हालांकि इन इलाकों पर फिलहाल भारत का प्रभावी नियंत्रण है।
इसके अलावा, नेपाल द्वारा भारत से आने वाले ₹100 से अधिक मूल्य के सामान पर सीमा शुल्क नियमों को सख्ती से लागू करने की कोशिश ने भी असहजता बढ़ाई। नेपाल सरकार का तर्क था कि यह कदम तस्करी रोकने के लिए उठाया गया है। हालांकि नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल इस नियम पर रोक लगी हुई है।
भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाली नेपाली चाय की हर खेप की अनिवार्य लैब जांच की शर्त ने भी नेपाल के चाय निर्यात को प्रभावित किया। बाद में भारत सरकार ने नियम में संशोधन करते हुए घरेलू खपत के लिए आने वाली चाय को इस जांच से छूट दे दी।
गौरतलब है कि 11 मई को भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की प्रस्तावित नेपाल यात्रा अचानक रद्द होने से भी दोनों देशों के संबंधों को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
पार्टी का रुख और आगे की राह
आरएसपी के केंद्रीय समिति सदस्य एवं सांसद प्रकाश चंद्र परियार ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष की प्रस्तावित भारत यात्रा को सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे द्विपक्षीय मुद्दों पर सीधी चर्चा का अवसर मिलेगा। यदि यह दौरा होता है, तो यह हाल के तनावों के बीच दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।