न्यूयॉर्क पोस्ट ने भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन सरिता कोमातिरेड्डी को दिया समर्थन, लेटिशिया जेम्स से है सीधा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क पोस्ट के संपादकीय बोर्ड ने 24 अक्टूबर 2026 को भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी का खुलकर समर्थन करते हुए उन्हें न्यूयॉर्क की मौजूदा अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स के मुकाबले योग्य उम्मीदवार बताया। राज्य में 24 अक्टूबर से अर्ली वोटिंग शुरू हो चुकी है और आम चुनाव 3 नवंबर को होगा।
संपादकीय बोर्ड का क्या कहना है
शुक्रवार को प्रकाशित अपने संपादकीय में न्यूयॉर्क पोस्ट ने लिखा, 'न्यूयॉर्क पोस्ट पूरे उत्साह के साथ अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स के मुकाबले सरिता कोमातिरेड्डी का समर्थन करता है।' अखबार ने लेटिशिया जेम्स को अपने संपादकीय की हेडलाइन में 'पॉलिटिकल हैक' (राजनीतिक खिलाड़ी) करार दिया — जो स्पष्ट रूप से एक तीखी आलोचना है। इसी संपादकीय में अखबार ने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रूस ब्लेकमैन को गवर्नर पद और सांसद माइक लॉरलर को 17वें कांग्रेसनल जिले के लिए भी समर्थन दिया।
कोमातिरेड्डी की पृष्ठभूमि और चुनावी रुख
41 वर्षीय सरिता कोमातिरेड्डी पेशे से एक अनुभवी संघीय अभियोजक (फेडरल प्रॉसीक्यूटर) हैं। न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील मामलों की पैरवी की है। संपादकीय में उल्लेख किया गया कि उन्होंने विभिन्न प्रशासनों में आतंकवादियों, ड्रग कार्टेल से जुड़े आरोपियों और साइबर अपराधियों के खिलाफ सफलतापूर्वक काम किया।
कोमातिरेड्डी ने अखबार से कहा कि उनका परिवार स्वयं शहर में बढ़ते अपराध से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार के एक सदस्य पर बच्चों को स्कूल ले जाते समय सब-वे में हमला हुआ था। हमारी एक पारिवारिक मित्र के बेडरूम में सोते समय गोली आकर लगी थी।' उन्होंने यह भी दावा किया कि जेम्स के कार्यकाल में नागरिक खुद को पहले से कम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सर्वेक्षण: कड़ी टक्कर के संकेत
कोमातिरेड्डी का चुनाव अभियान एक आंतरिक सर्वेक्षण का हवाला दे रहा है, जिसे ऑनमैसेज इंक. ने 12 से 14 अक्टूबर के बीच 1,000 संभावित मतदाताओं पर किया था। इस सर्वे के अनुसार, लेटिशिया जेम्स 50.7 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे हैं, जबकि कोमातिरेड्डी को 44.7 प्रतिशत समर्थन मिला। हालांकि इस सर्वे के नतीजे कोमातिरेड्डी के अभियान से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें स्वतंत्र संदर्भ में देखना ज़रूरी है।
गौरतलब है कि सर्वे में यह भी सामने आया कि 8 अक्टूबर की बहस देखने वाले दर्शकों में कोमातिरेड्डी को 81 प्रतिशत और जेम्स को 19 प्रतिशत समर्थन मिला। दूसरी ओर, पिछले महीने हुए सिएना कॉलेज के स्वतंत्र सर्वेक्षण में लेटिशिया जेम्स 13 अंकों की बढ़त के साथ आगे दिखाई गईं — जो कि एक स्वतंत्र और व्यापक रूप से उद्धृत संकेतक है।
जेम्स अभियान की प्रतिक्रिया
जेम्स अभियान की एक प्रवक्ता ने न्यूयॉर्क पोस्ट के समर्थन को खारिज करते हुए कहा, 'सरिता कोमातिरेड्डी न्यूयॉर्क के लोगों को धोखाधड़ी करने वालों या संघीय सरकार से नहीं बचाएंगी, क्योंकि वही लोग उनके अभियान को समर्थन दे रहे हैं।' प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिलने के बदले में कोमातिरेड्डी ट्रंप प्रशासन के संभावित कदमों पर 'आंख मूंद लेंगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब लेटिशिया जेम्स ने स्वयं कहा था कि अटॉर्नी जनरल का पद मुख्यतः दीवानी (सिविल) मामलों पर केंद्रित है — एक बयान जिसे संपादकीय ने उनकी कमज़ोरी के रूप में रेखांकित किया। जेम्स पहली बार 2018 में न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल चुनी गई थीं और 2022 में दोबारा निर्वाचित हुईं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर तब व्यापक पहचान मिली जब उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कंपनी के खिलाफ दीवानी धोखाधड़ी का मामला दायर किया था।
आगे क्या
न्यूयॉर्क में अर्ली वोटिंग 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगी। आम चुनाव 3 नवंबर 2026 को होगा। कोमातिरेड्डी ने न्यूयॉर्क पोस्ट के समर्थन को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया और बेघर लोगों के मुद्दे पर केंद्रित नया चुनावी विज्ञापन भी पोस्ट किया। अंतिम परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि अर्ली वोटिंग में किसका मतदाता आधार अधिक सक्रिय रहता है।