होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराया, ईरानी नौसेना का प्रतिबंधित क्षेत्र उल्लंघन का दावा
सारांश
मुख्य बातें
होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में शनिवार, 7 नवंबर को एक तेल टैंकर कथित तौर पर समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई। ईरानी नौसेना के अनुसार, यह टैंकर बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद प्रतिबंधित और असुरक्षित घोषित जल क्षेत्र में घुस आया था। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील धमनी माना जाता है।
घटनाक्रम: क्या हुआ होर्मुज में
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर सुबह तड़के बारूदी सुरंग की चपेट में आया। विस्फोट के बाद जहाज में आग भड़क उठी और वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। ईरानी नौसेना का आरोप है कि घटना के समय टैंकर ने अपने नेविगेशन और पहचान प्रणाली भी जानबूझकर बंद कर रखी थीं।
ईरानी नौसेना के बयान के मुताबिक, जहाज को बार-बार चेतावनी दी गई थी कि वह प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करे, परंतु उसने इन निर्देशों को नजरअंदाज किया। नौसेना ने घटना के बाद एक बार फिर आगाह किया कि भविष्य में भी ऐसे उल्लंघनों के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
आईआरजीसी का बड़ा दावा
इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने भी बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट में दो अन्य तेल टैंकरों में आग लगी थी। आईआरजीसी का कहना है कि ये जहाज ईरानी अधिकारियों से समन्वय किए बिना प्रतिबंधित जल क्षेत्र में घुस आए थे और बिना अनुमति वाले मार्गों से जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे थे।
आईआरजीसी ने यह भी आरोप लगाया कि इन जहाजों को कथित तौर पर 'आक्रामक और आतंकवादी अमेरिकी सेना' का समर्थन प्राप्त था। यह दावा अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत है।
ईरान की चेतावनी और समुद्री नियम
ईरानी अधिकारियों ने पिछले कुछ समय से वाणिज्यिक जहाजों को लगातार आगाह किया है कि वे तेहरान द्वारा असुरक्षित और अनधिकृत घोषित मार्गों का उपयोग न करें। उनका कहना है कि सभी जहाजों को ईरान के समुद्री समन्वय नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है — होर्मुज स्ट्रेट में पिछले कुछ वर्षों में कई बार जहाजों को जब्त करने या उन पर हमले की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जिसमें खाड़ी देशों से निर्यात होने वाला अधिकांश कच्चा तेल शामिल है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर बना हुआ है, और किसी भी व्यवधान का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल टैंकर की राष्ट्रीयता, उसके मालिक और चालक दल की स्थिति के बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय और संबंधित देशों की प्रतिक्रिया आने वाले घंटों में स्पष्ट होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से होर्मुज स्ट्रेट में पहले से बढ़े हुए तनाव में और वृद्धि हो सकती है।