पाकिस्तान: 7 हाई-रिस्क इलाकों में 10 में से 4 बच्चों के खून में मिला लेड, यूनिसेफ-स्वास्थ्य मंत्रालय की स्टडी

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पाकिस्तान: 7 हाई-रिस्क इलाकों में 10 में से 4 बच्चों के खून में मिला लेड, यूनिसेफ-स्वास्थ्य मंत्रालय की स्टडी

सारांश

पाकिस्तान के 7 औद्योगिक इलाकों में हर 10 में से 4 बच्चों के खून में लेड — यह सिर्फ स्वास्थ्य संकट नहीं, आर्थिक आपदा भी है। यूनिसेफ का अनुमान है कि लेड प्रदूषण से हर साल GDP का 6-8% यानी लगभग $25-35 अरब का नुकसान हो रहा है। हत्तार-हरिपुर में 88% बच्चे प्रभावित — यह आँकड़ा दुनिया के सबसे गंभीर मामलों में से एक है।

Key Takeaways

यूनिसेफ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, पाकिस्तान की संयुक्त स्टडी में 2,100 बच्चों के रक्त नमूनों की जाँच की गई। पाकिस्तान के 7 हाई-रिस्क इलाकों में 12-36 महीने के 10 में से 4 बच्चों के खून में लेड पाया गया। हत्तार और हरिपुर सबसे प्रभावित क्षेत्र — 88% बच्चों में लेड का उच्च स्तर; इस्लामाबाद में मात्र 1% । लेड के स्रोतों में बैटरी रीसाइक्लिंग, फैक्ट्री धुआँ, लेड-युक्त पेंट और दूषित मसाले शामिल। अनुमान है कि लेड प्रदूषण से पाकिस्तान की GDP को सालाना $25-35 बिलियन (GDP का 6-8% ) का नुकसान। 2026 में राष्ट्रीय स्तर का सर्वे प्रस्तावित है जिसमें बच्चे, गर्भवती महिलाएँ और अन्य कमज़ोर वर्ग शामिल होंगे।

पाकिस्तान के सात हाई-रिस्क इलाकों में रहने वाले 12 से 36 महीने की आयु के बच्चों पर किए गए एक नए संयुक्त अध्ययन में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं — हर 10 में से 4 बच्चों के खून में खतरनाक स्तर का लेड (सीसा) पाया गया है। यह अध्ययन पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, नियमन और समन्वय मंत्रालय तथा यूनिसेफ (UNICEF) ने मिलकर किया है।

अध्ययन का दायरा और नमूने

यूनिसेफ के अनुसार, इस अध्ययन में 2,100 बच्चों के रक्त नमूने लिए गए। ये बच्चे जोहरिपुर, इस्लामाबाद, कराची, लाहौर, पेशावर, क्वेटा और रावलपिंडी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हत्तार और हरिपुर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहे, जहाँ 88 प्रतिशत बच्चों के खून में लेड का स्तर बेहद ऊँचा पाया गया। वहीं इस्लामाबाद में यह आँकड़ा मात्र 1 प्रतिशत था।

लेड के स्रोत क्या हैं

अध्ययन में लेड के संपर्क के कई संभावित स्रोत चिह्नित किए गए हैं। इनमें फैक्ट्रियों का धुआँ, बैटरियों की अनौपचारिक रीसाइक्लिंग, लेड-युक्त पेंट, दूषित खाद्य पदार्थ, मसाले और पारंपरिक कॉस्मेटिक्स शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अनौपचारिक क्षेत्र में बैटरी रीसाइक्लिंग उद्योग इन इलाकों में लेड प्रदूषण का प्रमुख कारण बना हुआ है।

बच्चों की सेहत पर गंभीर असर

यूनिसेफ के मुताबिक, लेड के संपर्क में आने से बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुक सकती है, खून की कमी हो सकती है और प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर पड़ सकता है। इसके अलावा, बच्चों की बौद्धिक क्षमता (IQ) घट सकती है, ध्यान केंद्रित करने की शक्ति कम हो सकती है और याददाश्त प्रभावित हो सकती है। इससे पढ़ाई में कठिनाइयाँ और व्यवहार संबंधी समस्याएँ भी बढ़ सकती हैं।

यूनिसेफ की पाकिस्तान प्रतिनिधि पर्निले आयरनसाइड ने कहा,

Point of View

न कि केवल रिपोर्टों की अलमारी में बंद हों।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान में बच्चों के खून में लेड पाए जाने की यह स्टडी क्या है?
यह अध्ययन पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय और यूनिसेफ ने मिलकर किया है, जिसमें 7 हाई-रिस्क इलाकों के 2,100 बच्चों (12-36 महीने) के रक्त नमूनों की जाँच की गई। नतीजों में 10 में से 4 बच्चों के खून में खतरनाक स्तर का लेड पाया गया।
बच्चों में लेड के संपर्क से क्या नुकसान होता है?
यूनिसेफ के अनुसार, लेड से बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुक सकती है, IQ घट सकता है, याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो सकती है। यूनिसेफ प्रतिनिधि पर्निले आयरनसाइड के अनुसार बच्चों के लिए लेड का कोई भी स्तर सुरक्षित नहीं है और इसका नुकसान स्थायी होता है।
पाकिस्तान में लेड प्रदूषण के मुख्य स्रोत कौन से हैं?
अध्ययन में पहचाने गए प्रमुख स्रोतों में बैटरियों की अनौपचारिक रीसाइक्लिंग, फैक्ट्रियों का धुआँ, लेड-युक्त पेंट, दूषित खाद्य पदार्थ, मसाले और पारंपरिक कॉस्मेटिक्स शामिल हैं।
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके कौन से हैं?
रिपोर्ट के अनुसार हत्तार और हरिपुर सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहाँ 88% बच्चों के खून में लेड का उच्च स्तर मिला। इस्लामाबाद में यह आँकड़ा सबसे कम — मात्र 1% — रहा।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर लेड प्रदूषण का क्या असर है?
रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार लेड प्रदूषण से पाकिस्तान की GDP को सालाना 6-8% यानी लगभग $25-35 बिलियन का नुकसान होता है। यह नुकसान मुख्यतः बच्चों की घटती सीखने और काम करने की क्षमता के कारण होता है।
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